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Mahendragarh-Narnaul News: डेढ़ साल में टीबी से 143 की मौत, 1917 हुए स्वस्थ, निक्षय मित्र योजना पर संकट

Wed, 29 Jul 2026 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर- 08टीबी अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक। संवाद
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नारनौल। जिले में टीबी मरीजों को पोषण सहायता देने के लिए बनाई गई निक्षय मित्र योजना निक्षय मित्रों की कमी से जूझ रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल निक्षय मित्रों की संख्या में 90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में टीबी से ग्रसित मरीजों को लाभ कम मिल पा रहा है। जिले में डेढ़ साल में टीबी से 143 की मौत हो चुकी है। 1917 मरीज स्वस्थ हुए हैं।
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2025 में जिले में 121 निक्षय मित्र सक्रिय थे। इनके सहयोग से 860 टीबी मरीजों को नियमित पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही थी। 2026 में अब तक केवल 12 निक्षय मित्र ही पंजीकृत हैं। निक्षय मित्र कम होने के कारण पोषण किट पाने वाले मरीजों की संख्या भी घटकर 505 रह गई है।
यह गनीमत है कि जो निक्षय मित्र पंजीकृत है उनमें से कुछ अधिक मरीजों को पोषण किट दे रहे हैं, वरना लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या और कम हो सकती थी।
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टीबी से ग्रसित मरीजों को चिकित्सक प्रोटीन, विटामिन-सी और आयरन से भरपूर आहार लेने की सलाह देते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ मुहैया करवाने के लिए 9 सितंबर 2022 को निक्षय मित्र योजना शुरू की गई थी।
इसके तहत दाल, चावल, सोयाबीन व खाद्य तेल मरीजों को दिया जाता है। निक्षय मित्र की कमी के कारण योजना अपने उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर पा रही है।

टीबी मुक्त अभियान के तहत जांच व उपचार के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन फिर भी गत डेढ़ साल में जिले भर में टीबी से 143 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है।
वर्ष 2025 में 110 व मौजूदा वर्ष में अब तक 33 मरीज टीबी से जिंदगी की जंग हार गए। वहीं नियमित उपचार से वर्ष 2025 में 1859 व मौजूदा वर्ष में 58 मरीजों पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए और टीबी को हरा दिया।
टीबी से ग्रसित मरीजों पर एक नजर:
वर्ष उपचाराधीन ठीक हुए मृत्यु हुई निक्षय मित्र पोषण किट लाभार्थी
2025 2157 1859 110 121 860
2026 1327 58 33 12 505

वर्जन
जिले में टीबी से ग्रसित मरीजों का नियमित उपचार चल रहा है। निक्षय मित्र योजना के तहत नियमित अंतराल पर लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है। उम्मीद है आगामी दिनों में निक्षय मित्र की संख्या में बढ़ोतरी होगी।-डॉ. नवीन, उप सिविल सर्जन, टीबी अस्पताल, नारनौल।
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