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शहीद भगत सिंह युवा संगठन ने लावारिस पशुओं के लिए गोशालाओं से मांगा सहयोग

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महेंद्रगढ़। शहीद भगत सिंह युवा संगठन के सदस्यों ने शहर में घूम रहे लावारिस गोवंश को सम्मानपूर्वक रहने और खाने की व्यवस्था कर गोशालाओं में भेजने की मांग को लेकर तहसीलदार सुभाषचंद को ज्ञापन सौंपा। संगठन के सदस्यों ने कहा कि लावारिस पशु लोगों की जान ले रहे हैं। पशु सड़कों पर कचरा खा रहे हैं।
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ज्ञापन में शहीद भगत सिंह युवा संगठन के सदस्यों ने कहा कि शहर में लावारिस गोवंश के कारण नगरवासियों, व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी वालों, राहगीरों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नरेश मुदगल ने बताया कि सब्जी मंडी गोवंश की संख्या चिंताजनक हो चुकी है। छोटे-छोटे बच्चों और राहगीरों के लिए बाजार में चलना खतरनाक हो रहा है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च को चाय की दुकान से अपना छोटा सा रोजगार चलाने वाले बुजुर्ग माधाराम सैनी को भी लावारिस गोवंश ने उठाकर पटक दिया था। जिसके कारण उसको जीवन गंवाना पड़ा। जिससे सब्जी मंडी, बाहर के समस्त दुकानदारों और कामगारों को भय व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लावारिस गोवंशों को गोशालाओं में पहुंचाया जाए ताकि नगरवासियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इन लोगों ने कहा कि गोशाला संचालक भी इस कार्य में सहयोग करें। इस समय आचार संहिता होने के कारण नगर पालिका पशुओं को नहीं पकड़वा रही। ऐसे में गोशाला संचालक अपने स्तर पर लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला में ले जाएं। इस अवसर पर निलेश, राजेंद्र यादव, कृष्णा देवी, अमित रिवासा, सुमित बुचौली, सुनिल कुमार, जोनी सुंदर उपस्थित थे।

400 से 500 गोवंश सड़कों पर
शहरवासियों ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में इस समय करीब 400 से 500 लावारिस गोवंश है। यह गोवंश दिनभर सड़कों पर घूमते हैं। सड़कों पर ही कचरा फैलाते हैं। लावारिस गोवंश के कारण पिछले एक साल में दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा करीब 13-14 लोग घायल हो चुके हैं। मार्च में एक की मौत हो हुई थी।
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टैग वाले गोवंश भी सड़कों पर
नगर पालिका ने करीब दो साल पहले लावारिस गोवंश को पकड़वाकर गोशाला भेजा था। जिसमें पशुओं के कार पर टैग लगाया गया था। टैग के जरिए पशुओं को एक विशेष नंबर दिया गया था। जिससे पशु की पहचान की जा सकती है। कुछ दिन बाद ही पशु वापस सड़कों पर आने लगे। धीरे धीरे इन पशुओं की संख्या में बढ़ोतरी होती रही। इस समय हालात चिंताजनक हो चुके हैं। कान में टैग लगे पशु सड़कों पर घूम रहे हैं।
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