अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। प्रदेश सरकार द्वारा 720 निजी वाहनों को प्राइवेट परमिट जारी करने के विरोध में चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन रविवार को भी जारी रही। हालांकि यात्रियों को राहत देने के लिए विभाग द्वारा रविवार को 11 रोडवेज और 14 निजी स्कूल बसों का संचालन किया गया। लेकिन अन्य दिनों के मुकाबले रविवार को यात्रियों की संख्या कम रही जिससे अधिकारियों ने भी कुछ राहत महसूस की।
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल में अन्य यूनियनें भी समर्थन में आ गई हैं। रविवार को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर सरकार से निजीकरण के निर्णय को वापस लेने और रोडवेज कर्मचारियों की तालमेल कमेटी से बातचीत करके हड़ताल को समाप्त करवाने की मांग की।
बता दें कि रोडवेज कर्मचारी सरकार द्वारा प्राइवेट बसों को परमिट जारी करने के विरोध में पिछले छह दिन से हड़ताल पर हैं जिससे बसों का संचालन अव्यवस्थित हो गया है। इसका प्रभाव सीधे तौर पर आमजन पर पड़ रहा है। वहीं सरकार भी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है और कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर मामला दर्ज कर निलंबित कर दिया गया है। इसके विरोध में कर्मचारियों ने अपने आंदोलन और उग्र करते हुए अपनी हड़ताल को आगे बढ़ा दिया है जोकि सरकार के लिए गले की फांस बन गई है।
वहीं सरकार ने रोडवेज बसों के संचालन की कमान पुलिस कर्मचारियों को थमा दी है। इसके अलावा निजी स्कूली बसों को भी हायर कर यात्रियों को राहत देने का प्रयास कर रही है। परंतु यात्रियों की संख्या को देखते हुए सरकार के ये सभी प्रयास नाकाफी है। वहीं रोडवेज की हड़ताल से प्रदेश में विभाग को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। बावजूद सरकार कर्मचारियों से बातचीत कर हड़ताल को समाप्त करवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रही है। सरकार कर्मचारियों के आगे झुकने को तैयार नहीं है तो कर्मचारी भी पीछे हटने का तैयार नहीं है। इस प्रकार सरकार और कर्मचारियों की आपसी लड़ाई में आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन आए विभिन्न संगठन
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ कर्मचारी भी आ गए हैं। संघ सदस्यों ने रविवार को हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव की अनुपस्थिति में उनके पीए को ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने सरकार से निजीकरण के निर्णय को वापस लेने और रोडवेज कर्मचारियों की तालमेल कमेटी से बातचीत करके हड़ताल को समाप्त करवाने की मांग की। वहीं ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन व हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ कर्मचारियों ने रोडवेज कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया है।
छुट्टी के दिन भी कार्यालय में मौजूद रहे अधिकारी
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल विभागीय अधिकारियों के गले की फांस बन गई है। हालात यह है कि अधिकारियों को छुट्टी के दिन भी कार्यालय में उपस्थित होना पड़ रहा है। अधिकारियों की मानें तो हड़ताल की शुरूआत से लेकर अब तक उन्हें प्रतिदिन 18 घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है जिसका मलाल कहीं न कहीं अधिकारियों को भी है। परंतु वे भी सरकारी आदेश के आगे मजबूर हैं।
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन भी जारी है। हालांकि विभाग द्वारा निजी स्कूल व पुलिस कर्मचारियों को हायर करके बसों को संचालन करवाया जा रहा है। रविवार को यात्रियों को अधिक आवागमन नहीं होने के कारण बस स्टैंड पर भीड़ कम रही।
-राजीव नागपाल, जीएम रोडवेज नारनौल।