फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो सीएम की घोषणाएं पड़ी अधूरी क

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़।
भले ही प्रदेश सरकार समान विकास का दावा कर रही हो लेकिन हकीकत यह है कि महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र आज भी विकास के नाम पर पिछड़ा हुआ है। सरकार द्वारा दो वर्ष पूर्व जो घोषणाएं कि थी उनमें से एक भी घोषणा पूरी नहीं हुई है जिनमें से महेंद्रगढ़ सब डिपो एक है। इस सब डिपो की चार वर्ष में दो बार घोषणा हो चुकी।
इससे पूर्व चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने शासन काल 2014 में यह घोषणा की थी। 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 12.57 करोड़ रुपये से सब डिपो बनाने की घोषणा की थी, साथ ही सब्जी मंडी महेंद्रगढ़ में शिलान्यास पत्थर भी लगाया था। पत्थर रखे जाने के दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद सब डिपो की फाइल एस्टीमेट तक ही पहुंच पाई है। लोक निर्माण विभाग ने तीन महीने पहले लगभग छह करोड़ 83 लाख 92 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा था जो अभी तक मंजूर नहीं हुआ है। एस्टीमेट मंजूर होने के बाद टेंडर खोले जाएंगे। उसके बाद काम शुरू होगा।
विज्ञापन

परिवहन मंत्री के पद पर रहने के बाद भी नहीं कर सके सपना साकार
26 अक्तूबर 2014 को भाजपा की नई सरकार का गठन हुआ। सरकार गठन के समय यहां के विधायक प्रो. रामबिलास शर्मा को प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के बाद न.2 की कुर्सी के साथ परिवहन विभाग मिला। उसके बाद क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें जगी कि सब डिपो का काम पूरा हो जाएगा। प्रो. शर्मा डेढ़ लगभग डेढ़ वर्ष परिवहन मंत्री रहे किंतु सब डिपो का कार्य सिरे नहीं चढ़वा सके। इसके बाद मंत्री मंडल का फेरबदल हुआ। इस फेरबदल में प्रो. शर्मा से परिवहन विभाग लेकर कृष्ण पंवार को दे दिया गया। इस सरकार को बने हुए लगभग साढ़े तीन वर्ष हो गए किंतु काम अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाया।
सब डिपो बनने पर 80 बसों का बेड़ा होगा शामिल
अगर महेंद्रगढ़ सब डिपो बन जाता है तो उसमें 80 बसों का बेड़ा शामिल किया जाएगा। साथ ही वर्कशॉप भी बनाई जाएगी। इसके अलावा सब डिपो बनने से 200 युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा और बस स्टैंड का सुधारीकरण भी होगा। इस रैली में हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने घोषणा की थी कि महेंद्रगढ़ में जमीन मिलने पर परिवहन विभाग की ओर से चालक प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा जिसमें भारी वाहनों के साथ-साथ वाणिज्यिक व छोटे वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि इन केंद्रों पर अंग्रेजी भाषा बोलने का प्रशिक्षण भी जल्द ही मिलने लगेगा ताकि युवाओं को रोजगार मिलने में आसानी हो।
कछुआ गति से सरक रही है सब डिपो की फाइल
महेंद्रगढ़ सब डिपो की फाइल कछुआ गति से चल रही है। लोकल अधिकारी अपना काम कर तुरंत उच्च अधिकारियों के पास भेज देते हैं किंतु उच्च अधिकारियों के पास महीनों पर पड़ी रहती है। प्रदेश की खट्टर सरकार की घोषणा के बाद बस स्टैंड के सामने पड़ी खाली जगह की एक वर्ष पहले दो बार पैमाइश की जा चुकी है। अगस्त 2017 में लोक निर्माण विभाग ने परिवहन विभाग को इसका साइट प्लान बनाकर सौंप दिया था। उसके कई महीनों बाद इसकी ड्राइंग पास हुई थी। तीन महीने पहले छह करोड़ रुपये का रफ एस्टीमेट बनाकर भेजा था जो अभी तक मंजूर होकर नहीं आया है।
12.50 करोड़ महेंद्रगढ़ का बजट नूंह में कर दिया खर्च
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2014 में महेंद्रगढ़ को सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। उसके बाद इसके बाद चुनावों को देखते हुए यह बजट भी जारी किया था लेकिन तत्कालीन हुड्डा सरकार के परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने यह बजट अपने विधानसभा क्षेत्र नूंह में डिपो बनाने पर लगा दिया। इससे महेंद्रगढ़ फिर राजनीति उपेक्षा का शिकार हुआ।
विज्ञापन

वर्जन:
लोक निर्माण विभाग की ओर से सब डिपो का एस्टीमेट मांगा गया था। विभाग की ओर से तीन महीने पहले लगभग छह करोड़ का एस्टीमेट बनाकर भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही मंजूर होकर आ जाएगा।
-दर्शन कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें