अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भिाग द्वारा दक्षिणी हरियाणा का ऐतिहासिक स्मारक जलमहल को प्रदेश का दूसरा आदर्श स्मारक घोषित किया है। आदर्श स्मारक घोषित किए जाने के बाद से विभाग ने स्मारक में अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने का काम शुरू कर दिया है। इन नई सुविधाओं में वाई-फाई तथा पुरुषों व महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधाएं तो शुरू भी हो गई हैं। वहीं जलमहल के तालाब के चारों ओर 12 पोल लगाकर इनमें एलईडी लाइट लगाना, ऐतिहासिक धरोहर के इतिहास के लिए एक पुस्तकालय तथा एक वाचनालय बनाने, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, जलमहल की टूटी दीवारों की मरम्मत का कार्य, जलमहल के परिसर में शुद्ध पानी की व्यवस्था के लिए आरओ तथा कूड़ेदान आदि सुविधाओं के लिए कार्य शीघ्र शुरू होना है। रात के समय ऐतिहासिक स्मारक की सुन्दरता को बढ़ाने तथा सुरक्षा को देखते हुए नगर परिषद द्वारा दो बड़ी लाइटें लगा भी गई है, लेकिन बिजली की आपूर्ति कनेक्शन नहीं होने के कारण लाइटें जलनी शुरू नहीं हो पाई है।
जिले में पहला स्मारक बना वाईफाई
जलमहल जिला महेंद्रगढ़ का यह पहला ऐतिहासिक स्मारक बन गया है। जहां पर पर्यटकों के साथ आम लोगों के लिए वाईफाई की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह वाईफाई की सुविधा का लाभ केवल 70 मीटर की परिधि में रहने वाले लोग ही उठा सकते हैं, लेकिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं होने के कारण इसका पूरा लाभ अभी तक नहीं उठाया जा रहा है। वहीं अब यहां पर महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाए जा रहे हैं।
अब रात में भी चमकेगा जलमहल
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा जलमहल को आदर्श स्मारक घोषित करने के बाद अब सरकार स्मारक में पहले से ज्यादा सुविधाएं मुहैया करवाने जा रही है। जलमहल की सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए स्मारक के चारों ओर एलईडी लाइटें लगाई जा रही है। इसके लिए विभाग ने स्मारक के चारों ओर 12 पोल खड़े कर दिए है। एलईडी लाइटों की दूधिया रोशनी में रात के समय जलमहल की आभा को चार चांद लग जाएंगे।
स्मारक में बनेगा पुस्तकालय
इस ऐतिहासिक स्मारक के पास ही एक पुस्तकालय भवन भी बनाने की भी योजना है। जिसमें देश व प्रदेश के स्मारकों के इतिहास की जानकारियों वाली पुस्तकें उपलब्ध होगी। जोकि स्मारक में आने वाले पर्यटकों को उपलब्ध करवाई जाएगी।
जलमहल में बढ़ेगी विभिन्न सुविधाएं
पुरातत्व विभाग द्वारा जलमहल को आदर्श स्मारक घोषित करने के बाद इसकी सुविधाओं में भी इजाफा होने जा रहा है। गत वर्ष कुछ माह तक इसमें नहरी पानी भरने से इसकी दीवारों का कुछ स्थानों से प्लास्टर गिर गया था। जिसे ठीक करने के लिए आरसीपी की योजना है। जिसमें जलमहल के पुराने लुक को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इसी रंग की निर्माण सामग्री से मरम्मत का कार्य किया भजनगा। इसके अलावा यहां आने वाले पर्यटकों की पीने के पानी की परेशानी को देखते हुए पुरातत्व विभाग ने यहां एक बड़ा आरओ लगाने का निर्णय लिया है, ताकि पर्यटकों को शुद्ध पीने योग्य पानी मिल सके। साथ जलमहल में बने पार्क में कूड़ेदान भी रखवाएं जाएंगे। इनमें आधे डस्टबिन सूखा कचरा के लिए तथा आधे डस्टबिन गीला कचरा के लिए निर्धारित होंगे। इन सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा जा चुका है तथा जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।
कनेक्शन के अभाव में अंधेरे में डूबा जलमहल
सरकार की मदद से नगर परिषद द्वारा यहां पर दो बड़ी फ्लड लाइट लगाई है, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी लाइटों का कनेक्शन नहीं करवाया जा सका है। इस कारण रात को ऐतिहासिक धरोहर अंधेरे में डूबा रहता है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा नारनौल के जलमहल को प्रदेश का दूसरा आदर्श स्मारक घोषित किया है। आदर्श स्मारक बनने से स्मारक में विभिन्न सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। स्मारक पर वाईफाई व शौचालय, लाइटिंग जैसी कुछ सुविधाएं शुरू भी हो चुकी है। कुछ के लिए सरकार से स्वीकृति मांगी गई है।
- प्रवीण कुमार, सीए, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, नारनौल।
नगर परिषद ने जलमहल की सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए तथा रात को लाइट की सुविधा मुहैया करने के लिए दो बड़ी लाइट लगाने का पहले ही निर्णय ले लिया था। इसके लिए पोल खड़े कर लाइटें भी लगा दी गई है। परंतु बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण ये चालू नहीं हो पाई है। जल्द ही बिजली विभाग से कनेक्शन करवाकर लाइटों को चालू करवाई जाएगी।
- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद नारनौल।