जिले की 44 ग्राम पंचायतों को मिला ग्रामीण स्वच्छता पुरस्कार
नारनौल। अपने गांव को प्लास्टिक व पॉलीथिन मुक्त करने वाली 44 ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को डीआरडीए प्रशिक्षण हाल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एडीसी ने 44 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को एक-एक लाख रुपये की राशि का चेक हरियाणा राज्य ग्रामीण स्वच्छता पुरस्कार के रूप में प्रदान किया।
इस मौके पर गांव देव नगर, जोनावास, आदलपुर, डुलाना, जासावास, ढाणी कुम्हारान, गादड़वास, बासड़ी, बनिहाड़ी, मोसमपुर, भोजावास, गढवा, मुलौदी, आकोली, नांगल कालिया, दोस्तपुर, दौंगली, कमाननिया, ईकबालपुर नंगली, सैदलीपुर, खैरानी, राताकलां, राता खुर्द, नांगल, हसनपुर, गनियार, नीरपुर राजपुत, बोचड़िया, खोड़, सुजापुर, खतरीपुर, सुरानी, सुराना, आजमनगर, जाट गुवाना, हुडिना, कोजिन्दा, भूषण खुर्द, शोभापुर, महरमपुर, हसनपुर, दनचौली, बामनवास नूह एवं ढाणा गांव को चेक वितरित किए। एडीसी ने सरपंचों से आह्वान किया कि वे गांव में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखें और खुले में शौच मुक्ति के स्तर को बरकरार रखें। जो लोग अभी भी किन्हीं कारणों से खुले में शौच जा रहे हैं। उन्हें जागरूक कर खुले में शौच जाने से रोकें। गांव में ठोस व तरल कचरे का उचित प्रबंधन करें। उन्होंने सभी सरपंचों को बताया कि पॉलीथिन खरीदने वाली कंपनी से संपर्क कर रहे हैं ताकि पॉलीथिन व प्लास्टिक को वहा भिजवाया जा सके।
एडीसी ने कहा कि सफाई जीवन में एक आदत के रूप में अपनानी चाहिए ताकि व्यक्ति अपने जीवन में कहीं भी कागज का एक टुकड़ा भी इधर-उधर ना फेंके। उन्होंने कहा कि देखने में आता है कि लोग खाने-पीने की वस्तुओं को उपयोग करने के बाद उनके लिफाफे व अवशेषों को वहीं फेंक देते हैं, जबकि हमें आदत बनानी चाहिए कि हम ऐसी कोई भी चीज उचित स्थान पर डालें। इन छोटी-छोटी बातों को हम अपनी आदत में शामिल करेंगे तो सफाई खुद-ब-खुद नजर आएगी। इस मौके पर परियोजना अधिकारी गोविंद राम शर्मा ने बताया कि सरपंच पुरस्कार राशि को बाजार, स्कूल, आंगनबाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और डिस्पेंसरी में स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध करवाने, सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं में रख-रखाव और केंचुआ खाद बनाने में, ठोस एवं तरल कचरा निपटारा, जिसमें गोबर गैस प्लांट भी शामिल हैं, जो एससी एसटी परिवार सार्वजनिक शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं। उनके लिए शौचालय बनवाने व स्वच्छता को बढ़ावा देने के कार्यों में खर्च कर सकते हैं। इस अवसर पर डीआरडीए से अधिकारी, राजकुमार यादव, अविनाश कुमार, एवं स्वच्छ भारत मिशन से खंड समन्वयक मौजूद थे।