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अवैध कंस्ट्रेक्सन को सीलबंद करेगा नपा प्रशासन

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अवैध निर्माण को सीलबंद करेगा नपा प्रशासन
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-दूसरे चरण के नोटिसों की प्रक्रिया शुरू
-ग्राउंड फ्लोर को प्राथमिकता दे रहे हैं लोग
-नपा के एक्ट में मंजूरी का नहीं प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी नपा में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया। कार्रवाई के लिए एक्ट 208 के नोटिस तैयार कर लिए गए। इसके तहत निर्माणाधीन भवनों को सील करने का प्रावधान है।
गौरतलब है कि सरकार के निर्देशानुसार 21 जनवरी 2013 से पहले के सभी मकानों को यथास्थिति में शहरी प्लान योजना में शामिल कर लिए हैं, लेकिन नव निर्माण के लिए नपा प्रशासन से नक्शा मंजूर करवाना पड़ता है और मंजूरी मिलने के बाद चार्ज अदायगी करनी होती है। रिहायशी मकानों की अपेक्षा कॉमर्शियल निर्माण का चार्ज महंगा है। शुल्क राशि बचाने के मकसद से अधिकतर लोगों ने अवैध निर्माण शुरू दिया। जो ग्राउंड फ्लोर (बेसमेंट) के निर्माण को प्राथमिकता देने लगे हैं, क्योंकि इसके लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत नहीं होती और आमदनी भी बढ़ेगी। नारनौल, निजामपुर, कोटपूतली रोड पर करीब 15 अवैध निर्माण जोरों पर चल रहे हैं। शहर के विभिन्न वार्डों में 50 से अधिक निर्माण जारी है, जिनमें 35 को एक्ट 201 के नोटिस भेजे गए। जिसके निर्देशानुसार उन्हें नक्शा मंजूरी व अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। परंतु अधिकतर नोटिसों को दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कार्यालय में 5-6 फाइलें जमा हुई हैं। अन्य को अधिनियम 208 के नोटिस देने की योजना बनाई है। इस नोटिस की निर्धारित अवधि में नक्शा मंजूर नहीं करवाने पर सील लगाने के नियम हैं।
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खुदाई के समय गिर चुका मकान
बेसमेंट निर्माण के लिए 12-13 फीट जमीन की खुदाई करनी पड़ती है। कुछ समय पूर्व नींव खोदते समय डा. नरेश वाली गली में एक मकान भी गिर चुका। बावजूद नपा के आदेशों का पालन नहीं हो रही है। सूत्रों की मानें तो निर्माण कार्य जल्दबाजी में हो रहा है।

राजस्व नुकसान से सुविधाएं प्रभावित
नपा की आमदनी बढ़ने पर ही आमजन को मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। नपा की आमदनी बढ़ने के निर्माण टैक्स, जमीनी रजिस्टरी, बिजली बिल, पानी चार्ज आदि आमदनी के प्रमुख स्रोत होते हैं, लेकिन अधिकतर लोगों की धारण टैक्स चोरी करने की होती है। इसका असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ता है।
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अवैध निर्माण पर होगी सख्त कार्रवाई
नपा के सचिव राजाराम ने बताया कि करीब 37 निर्माणकर्ताओं को 201 के नोटिस दे दिए गए हैं। अभी भी उन्होंने फाइल जमा नहीं करवाई है, इसलिए अब 208 के नोटिस तैयार कर लिए गए। इसके बाद निर्माणाधीन भवनों को सील किया जाएगा।
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