भरभरा कर गिरी पुरानी हवेली, लोगों में दहशत
देवेंद्र यादव
नारनौल।
मोहल्ला चांदुवाडा में शनिवार रात एक पुरानी हवेली के भरभरा कर गिरने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। रात करीब साढ़े 11 बजे कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन शहर में मौजूद पुरानी हवेलियां फिर चर्चाओं में आ गई हैं। लोगों के अनुसार भरभराकर गिरने वाली हवेली में पांच भाइयों का हिस्सा है। सभी दूसरे प्रदेशों में रह रहे हैं। दशकों से ध्यान नहीं देने के कारण घनी आबादी के बीच मौजूद यह हवेली खंडहर बन चुकी थी। पुरानी हवेलियाें को गिराने के बारे में नगर परिषद का कहना है कि संबंधित मालिकों की जानकारी नहीं होने के कुछ कर पाने में असमर्थ हैं। दूसरी तरफ न तो नगर पालिका के पास और न ही पीडब्ल्यूडी के पास जर्जर हवेलियां का कोई रिकार्ड है।
शहर के कई मोहल्लों और बाजारों में स्थित पुरानी जर्जर हवेलियां हादसों का न्योता दे रही हैं। ऐसी अनेक जर्जर हवेलियां हैं, जो बारिश में हादसों का कारण बन सकती हैं। अब बरसात का मौसम चल रहा है, ऐसे में इन हवेलियों से खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इस साल एक माह में दो जर्जर हवेलियां गिर चुकी हैं, वहीं गत वर्ष भी बरसात शुरू होने पर मोहल्ला राव स्थित एक हवेली की तीन-चार दिन ईंटें गिरी। इस हवेली का कुछ हिस्सा भी बरसात में गिर गया था। अभी तक अक्टूबर 2014 में मुख्य बाजार में एक पुरानी हवेली भरभरा कर गिर गई। इससे कोई घायल तो नहीं हुआ मगर कई दुपहिया वाहन टूट गए। दो जुलाई 2015 में बारिश के कारण मोहल्ला रावका स्थित एक पुरानी हवेली गिरी, इस हादसे में दो-तीन लोग बाल-बाल बचे, मगर ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। मोहल्ला नलापुर में करीब दस दिन पूर्व एक पुरानी हवेली दरककर गिर गई। इससे बिजली निगम के दो ट्रांसफार्मर टूट गए, वहीं तार भी टूटे हैं। इससे निगम को काफी नुकसान हुआ। शनिवार रात को मोहल्ला चांदुवाड़ा में एक हवेली अचानक रात को गिर गई। इससे कोई जानमाल का हादसा नहीं हुआ, मगर आसपास के घरों के लोगों में दहशत है।
दशकों पुरानी कहां-कहां हैं हवेलियां
वैसे तो नारनौल शहर के हर हिस्से में पुरानी हवेलियां स्थित है, परंतु विशेषकर मोहल्ला चांदुवाड़ा, पुरानी मंडी स्थित ब्राह्मणों और महाजनों की हवेली, नई मंडी, मोहल्ला खड़खड़ी, मिश्रवाड़ा, संघीवाड़ा, मोहल्ला रावका मोहल्लों में अनेक जर्जर हवेलियां मौजूद हैं जो कभी भी गिर सकती हैं। वहीं वर्ष 2015 जुलाई में हुई बारिश के बाद मोहल्ला रावका स्थित एक पुरानी हवेली गिरने लगी थी। इस हवेली के पत्थर और ईंट एक-एक कर गिर रहे थे। इससे यहां रहने वाले लोगों में भय का आलम था। यहां के लोगों ने प्रशासन से उक्त हवेली को गिराने की मांग भी की थी, मगर इसके बावजूद इसको अभी तक नहीं गिराया गया। इन पुरानी हवेलियों की दशा को देखकर आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि इनको बनाये कितने दशक बीत चुके हैं। शहर में कुछ हवेलियां को करीब डेढ़ सौ से दो सौ साल तक पुरानी है। इन हवेलियों के निर्माण को इतना लंबा समय बीतने व इनके रखरखाव की ओर कोई ध्यान न दिये जाने के कारण ये अधिकांश हवेलियां खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं और बड़े हादसों का कारण बन सकती है। ये हवेलियां भूकंप के झटकों व जोरदार बरसात के कारण कभी भी गिर सकती हैं।
संतोषी माता मंदिर के पास भी गिरी हवेली
करीब दस दिन पूर्व नलापुर मोहल्ला स्थित संतोषी माता के मंदिर के पास भी एक हवेली गिर गई थी। इस कारण हवेली के पास रखे दो ट्रांसफार्मर और बिजली के तार टूट गए। इससे निगम को लाखों का नुकसान हुआ। अब वहां पर बिजली जुगाड़ से चलाई जा रही है, जबकि हवेली का मलबा वहीं का वहीं पड़ा है। वर्ष 2014 में 15 अक्टूबर को नारनौल शहर के मुख्य आजाद चौक से किला रोड की तरफ जाने वाले बाजार रात्रि को एक पुरानी इमारत भरभराकर गिर गई थी। शहर का अति भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण यहां पर लोग बाल-बाल बच गए। वहीं इमारत के नीचे एक स्कूटर और मोटरसाइकिल भी दब गई। मोहल्ला खड़खड़ी स्थित एक पुरानी हवेली का एक हिस्सा पहले भरभराकर गिर गया था। इस हवेली के गिरने से कोई जानमाल ही हानि नहीं हुई, परंतु उक्त हवेली का दूसरी मंजिल का भाग भी गिरने की कगार पर है। इस बड़ी हवेली के साथ अनेक मकान स्थित है। जो कि इसके गिरने से इसकी चपेट में आ सकते है।
सोशल मीडिया में भी छाई हैं पुरानी हवेलियां
शहर के एक युवक ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी पुरानी हवेलियों को गिराने की बात प्रशासन तक पहुंचाई है। उक्त युवक ने नई मंडी की कुछ पुरानी हवेलियों को दिखाया है, जो बिल्कुल जर्जर और टूटने की हालत में हैं। उक्त युवक की इस पोस्ट को सैकड़ों लाइक और कमेंट मिले हैं। इस समय बरसात का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में पुरानी हवेलियां भी दरकने लगी हैं। अगर तेज बारिश आती है तो पुरानी हवेलियां भी गिर सकती हैं। बरसात में करीब दो साल पूर्व भी बाजार स्थित एक हवेली गिर गई थी।
लोगों की परेशानी, उनकी जुबानी
शहर में कई जगह पुरानी हवेलियां हैं, इनकी तरफ प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा। अगर इनका समाधान नहीं हुआ तो कोई भी हादसा हो सकता है। - सत्यपाल छिलरो
नारनौल शहर प्राचीन शहर है। यहां पर वर्षों पुरानी कई पुरानी हवेलियां हैं। इन हवेलियों को गिराने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। - प्रवेश जैन
वर्ष -2014 के अक्टूबर माह में एक पुरानी हवेली मुख्य बाजार में गिर गई थी। इससे कई लोग बाल-बाल बचे थे। ऐसे हादसों को रोकने के लिए इनको गिराना चाहिए। - मोहित जिंदल
शहर में कई जगह पुरानी और जर्जर हवेलियां हैं। ये हवेलियां बरसात में खतरनाक साबित हो सकती हैं। ऐसे में इनको गिराने का कोई प्रावधान होना चाहिए। - शुभम कंछल
कोट
नगर परिषद ने पुरानी हवेलियां को चिह्नित करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को लिखा है। शहर में कितनी पुरानी हवेलियां हैं, इस बारे में सही जानकारी आंकड़े आने के बाद ही पता चल सकती हैं। पुरानी हवेलियों के अधिकांश मालिकों का सही पता न मिलने के कारण इनको नोटिस देने में दिक्कत आती है। बिना नोटिस दिए किसी की निजी संपत्ति को गिरा नहीं सकते। - विजयपाल यादव, ईओ, नगर परिषद नारनौल
मेरे संज्ञान में नगर पालिका की तरफ से पुरानी हवेलियों को चिह्नित करने संबंधी कोई पत्र नहीं मिला है। शहर में कितनी पुरानी हवेली हैं। इस बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। - दर्शन कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग, नारनौल