फोटो संख्या:62 जांजड़ियावास में जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
महेंद्रगढ़। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गांव जांजड़ियावास में निक्षय शिविर का आयोजन किया गया। इसमें सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सुरजीत सिवाच, डॉ. चंद्रपाल व स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा ने मोबाइल एंबुलेंस में 138 मरीजों की जांच करके सात संभावित मरीजों के बलगम के नमूने लिए।
शिविर में जयप्रकाश ने मरीजों के बलगम के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे। शिविर में मुख्य रूप से साठ साल से अधिक बुजुर्गों, टीबी मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों, शुगर व बीपी के मरीजों आदी की जांच करके मौके पर ही उनको दवाई दी गई।
सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सुरजीत सिवाच व स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा ने बताया की टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी मरीजों की पहचान कर रहें है और निक्षय पोषण योजना के तहत छह हजार रुपये भी मरीज को दिए जाते है। दवाई आरंभ होते ही तीन हजार रुपये पहली किस्त के रूप में मरीज को दिए जाते है।
उन्होंने कहा की दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, वजन लगातार कम होना, लगातार बुखार आना, शरीर के किसी अंग पर गांठ होना टीबी के लक्षण होते है। इस दौरान सुदेश लैब तकनीशियन, लक्ष्मी फार्मासिस्ट, कृष्ण, जयप्रकाश, बबली देवी आशा कार्यकर्ता, सूबेदार विजय सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहें।