अमर उजाला ब्यूरो
सतनाली मंडी। श्रीगंगानगर-सादुलपुर रेल लाइन के ब्रॉड गेज में परिवर्तित किए जाने के बाद इस रेल मार्ग पर गाड़ियों का संचालन शुरू हुए दो वर्ष से भी अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक श्रीगंगानगर से सादुलपुर-सतनाली होकर दिल्ली के लिए सीधी गाड़ी शुरू नहीं की गई है जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौर रहे कि रेल लाइन के मीटर गेज के समय इस रेलमार्ग पर सूरतगढ़ से रेवाड़ी तक नियमित पैसेंजर गाड़ी का संचालन होता था और इससे सतनाली क्षेत्र ही नहीं अपितु राजस्थान के श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, हनुमानगढ़, गोगामेड़ी, नोहर, भादरा आदि व सादुलपुर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ आदि क्षेत्र के हजारों यात्रियों को फायदा मिलता था। गेज परिवर्तन के बाद 24 मई 2016 से श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ से सादुलपुर रेलमार्ग पर गाड़ियों का संचालन शुरू किया गया तो उम्मीद तो यह थी कि गेज परिवर्तन के बाद मीटर गेज के समय चलने वाली सूरतगढ़-रेवाड़ी पैसेंजर तो चलेगी ही, श्रीगंगानगर से दिल्ली के लिए भी सीधी गाड़ियां चलेंगी, लेकिन विभाग के अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण गाड़ी दिल्ली तो दूर, रेवाड़ी के लिए भी गाड़ी शुरू नहीं की है।
सतनाली रेल संघर्ष समिति के प्रधान दिवान सिंह शेखावत ने बताया कि सतनाली स्टेशन राजस्थान व हरियाणा के लगभग 80 गांवों का मुख्य रेलवे स्टेशन है और यहां से प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों का नौकरी, व्यापार, रिश्तेदारी, शिक्षा व अन्य कार्यों हेतु श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सादुलपुर व दिल्ली की ओर आना-जाना रहता है। उन्होंने बताया कि सतनाली से हनुमानगढ़/श्रीगंगानगर की सीधी गाड़ी नहीं होने से यहां के यात्रियों को अतिरिक्त समय व धन कर हानि झेलकर परेशानी का सामना करते हुए गन्तव्य पर पहुंचना पड़ता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए रेल संघर्ष समिति काफी लंबे अरसे से श्रीगंगानगर/हनुमानगढ़ से दिल्ली के सादुलपुर-सतनाली होकर गाड़ी के संचालन की मांग करती आ रही है ताकि यात्रियों को बेहतर रेल यातायात का लाभ मिल सके। सतनाली रेल संघर्ष समिति के अलावा सतनाली विकास मंच, दैनिक रेल यात्री संघ (लोहारू से रेवाड़ी) तथा नोहर व भादरा आदि से भी यात्री संघ व सामाजिक संगठनों के लोग लगातार मांग करते आ रहे हैं, लेकिन विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने व्यापक यात्री हित में दिल्ली से वाया सादुलपुर-सतनाली, दिल्ली के लिए सीधी गाड़ी चलाने की मांग की ताकि क्षेत्र के यात्रियों को बेहत रेल यातायात का लाभ मिल सके।