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डीईओ के एक्सटेंशन पर जूनियर लेक्चरार ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। जिला महेंद्रगढ़ के शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार लावनियां की एक्सटेंशन के मामले में क्षेत्र के गांव मंडलाना निवासी एक जूनियर लेक्चरार रामनिवास द्वारा पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व निदेशक सेकेंडरी शिक्षा पंचकूला से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने सरकार व विभाग को 28 जनवरी 2019 तक जवाब देने के लिए नोटिस ऑफ मोशन जारी किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी के एक्सटेंशन मामले में याचिकाकर्ता लेक्चरार द्वारा शिक्षा निदेशक से आरटीआई के माध्यम से जुटाई गई जानकारी में भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जिला महेंद्रगढ़ के डीइओ मुकेश लावनियां 31 अक्टूबर 2017 को सेवानिवृत्त होने थे, लेकिन ये अभी वर्तमान में भी डीईओ के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं।
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निदेशक कार्यालय ने आरटीआई में रामनिवास खनगवाल द्वारा डीइओ की एक्सटेंशन के तौर पर नियुक्ति संबंधित आदेश की मांगी जानकारी के कॉलम-1 में बताया कि नारनौल के डीईओ मुकेश लावनियां की एक्सटेेंशन का मामला मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद मिसल कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया गया है। मिसल प्राप्त होते ही जानकारी दे दी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर वर्तमान में किसी अधिकारी की नियुक्ति के जवाब में आरटीआई पत्र के जवाबी कालम-4 में बताया कि मुकेश लावनियां के मामले में जब तक कैबिनेट से अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक यह पद रिक्त समझा जाएगा। वहीं, 31 अक्टूबर 2017 के बाद से अब तक डीईओ के पद पर अपनी सेवा लगातार रूप से दे रहे मुकेश लावनियां के वेतन का जवाब आरटीआई में गोलमोल कर दिया गया है। वेतन के बारे में बताया कि यह मद शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबंधित है। आरटीआई से जुटाए गए इन तथ्यों के अलावा निदेशक द्वारा किए गए पत्राचार के पत्रों की प्रति को आधार बनाकर ही रामनिवास खनगवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व निदेशक शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया है।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि नारनौल में कार्यरत डीईओ मुकेश लावनियां 31 अक्टूबर 2017 को रिटायर होने थे, लेकिन मीडिया के माध्यम से उन्हें पता चला था कि सरकार ने उनकी सेवा विस्तार कर दी है। जिसको लेकर उन्होंने आरटीआई के माध्यम से प्रमाण जुटाये तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि एक तरफ हरियाणा सरकार नौकरियों में ईमानदारी और पारदर्शिता की बात करती है। दूसरी तरफ इस तरह से बिना किसी आदेशों के जिलास्तर के अधिकारियों से सेवा ले रही है। उन्होंने कहा कि जब इस तरह सरकार के बिना किसी आदेशों के एक जिला स्तर के अधिकारी द्वारा विभाग में अपनी सेवा देना न केवल गंभीर मामला है, बल्कि हरियाणा सरकार के नौकरियों में ईमानदारी और पारदर्शिता के दावों की भी पोल खोल रहा है।

वर्जन
मामला जानकारी में नहीं है। उन्हें हाईकोर्ट की तरफ से भी अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद ही बताया जा सकेगा कि मामला क्या है।
- मुकेश लावनियां, जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल।
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