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134-ए के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों के साथ हो रहे भेदभाव के विरोध में धरना आज से

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल।
शिक्षा अधिनियम 134-ए के तहत पढ़ रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई व अन्य सुविधाओं को लेकर निजी स्कूल संचालकों द्वारा किए जा रहे भेदभाव को लेकर शुक्रवार से अभिभावक अपने बच्चों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे। वहीं दूसरी ओर डीईओ ने स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इससे पूर्व अभिभावक अपने बच्चों को लेकर अनेक बार उपायुक्त व जिला शिक्षा अधिकारी से मिल चुके हैं, लेकिन उनके द्वारा केवल उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है जबकि स्कूल संचालक बच्चों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। इसको लेकर अभिभावक अपने बच्चों के साथ लेकर एक जून से डीसी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठेंगे और कार्यालय के बाहर ही कक्षा लगाकर बच्चों को पढ़ाएंगे। अभिभावकों ने बताया कि शिक्षा अधिनियम के तहत निजी स्कूलों ने बच्चों का दाखिला तो कर लिया है, परंतु अब उन्हें निजी स्कूलों न तो अन्य बच्चों के साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। वहीं शिक्षा अधिनियम के तहत विभिन्न कक्षाओं में दाखिला प्राप्त बच्चों को एक साथ बैठाया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्हें प्रतिदिन होमवर्क भी नहीं दिया जा रहा है जबकि उनके लिए अलग से एक शिक्षक लगाया गया है। इसके अलावा किराया देने के बावजूद भी निजी स्कूल संचालक बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी देने से मना कर रहे हैं। इस प्रकार विभिन्न प्रकार से निजी स्कूल संचालक बच्चों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। इस भेदभाव को लेकर गत 27 मई को उपायुक्त से मिले अभिभावक को डीसी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से लिखित रूप से उक्त स्कूलों पर कार्रवाई करने का पत्र जारी करने के बाद उक्त स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को उक्त स्कूलों में जांच के लिए भेजा।
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जांच के बाद भेजा स्कूल संचालकों को नोटिस
खंड शिक्षा अधिकारी जांच कर उक्त स्कूलों रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी ने लिखा की 134-ए के तहत जिन विद्यार्थियों का दाखिला हुए उनमें कुछ बच्चे संबंधित कक्षाओं में बैठे हुए थे। उनकी तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली जबकि कुछ बच्चों को मिश्रित रूप से बैठाया गया था। जिन्होंने स्कूल प्रशासन के सामने ही उन्हें बताया कि विद्यालय प्रशासन द्वारा उन्हें बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें स्वयं पढने को कहते हैं जबकि अन्य बच्चों को पढ़ाते रहते हैं। इसको लेकर बार-बार संबंधित स्कूलों को कहा गया है फिर स्कूल प्रशासन बच्चों को बार-बार परेशान कर रहा है। इसलिए संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त अनुशासनिक विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने मांगा जवाब
इस रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावणियां ने संबंधित स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस नोटिस में जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल को लिखा है कि 134ए के तहत दाखिला प्राप्त बच्चों के साथ पढ़ाई में किए जा रहे भेदभाव की जांच के लिए उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को भेजा था जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी ने कुछ बच्चों को अन्य कक्षाओं के साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा था जबकि अधिकतम बच्चों को मिश्रित रूप से बैठाया गया था। स्कूल प्रशासन के सामने ही बच्चों ने बार-बार प्रताड़ित करने की बात कही। आपके द्वारा बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है जबकि सभी बच्चों को सामान रूप से शिक्षा अधिकार है। क्यों न आपके विद्यालय की मान्यता रद्द करने का मामला निदेशालय को भेज दिया जाए। इसलिए अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए अपना स्पष्टीकरण तुरंत कार्यालय में भिजवाया जाए ताकि मामले की रिपोर्ट उपायुक्त को भेजी जा सके।
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