डेंगू, मलेरिया से लड़ने के जिले में संसाधन नहीं
जिले के 346 गांवों व शहरों के लिए महज दस फॉगिंग मशीन, जिला अस्पताल में दस बेड का वार्ड
फोटो नंबर 22
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। इन दिनों जिले के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। गांवों के साथ-साथ शहरों में भी डेंगू के मरीज अस्पतालों में जा रहे हैं। लोगों को अब मलेरिया और डेंगू को लेकर भय बना हुआ है। अक्तूबर में डेंगू के मरीज ज्यादा आते हैं। वहीं जिला प्रशासन डेंगू व मलेरिया के प्रति गंभीर नहीं है। यही कारण है कि जिला में फॉगिंग के लिए प्रयुक्त की जाने वाली मशीनें खराब पड़ी हैं।
15-20 दिन पहले वायरल पीड़ितों की संख्या में इजाफा हुआ था, मगर अब डेंगू व मलेरिया के मरीज भी आने लग गए हैं। अक्तूूबर माह में डेंगू व मलेरिया फैलने की आशंकाएं ज्यादा बनी रहती हैं। ऐसे में प्रशासन को इससे निपटने के लिए हर समय तैयार रहने की जरूरत है, मगर अभी कोई खास तैयारियां नहीं की गई हैं। ऐसे में अगर ये बीमारियां फैल गई तो लोग परेशान हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि नगर परिषद व नगर पालिकाओं को भेजी गई कई फोगिंग मशीनें खराब हैं। नारनौल नगर परिषद में रखी गई मशीन भी खराब पड़ी हैं। ऐसे में यहां पर फॉगिंग कैसे होगी। वहीं अन्य पालिकाओं में भेजी गई मशीनें भी खराब हैं।
अस्पताल में अलग से बनाया वार्ड
पिछले वर्ष के मलेरिया व डेंगू के प्रकोप से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष अपने स्तर पर भी प्रयास किया है। जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में 10 बेड का एक वार्ड स्थापित कर दिया गया है। डेंगू बुखार के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को सीधे नारनौल के नागरिक अस्पताल में लेकर आए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम इन दिनों जागरूकता अभियान भी चलाए हुए है। वहीं जहां डेंगू या मलेरिया होने की सूचना मिलती है, वहां विभाग की टीम घर-घर जाकर जांच करती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम निजी कार्यालय व घरों में जाकर जांच कर रही है। इस जांच में टीम देख रही है कि किसी के घर या कार्यालय के कूलरों या टंकियों में लारवा तो नहीं पनप रहा है। अगर कहीं लारवा पनपता मिलता है तो ऐसी स्थिति में कार्रवाई की जाती है और लोगों को नोटिस दिया जाता है।
ये हैं मलेरिया का आंकड़ा
वर्ष मामले
2011 360
2012 308
2013 153
2014 36
2015 32
2016 24
2017 20 अक्तूबर तक
ये है डेंगू का आंकड़ा
वर्ष मामले
2014 02
2015 05
2016 03
2017 05 अक्तूबर तक
डेंगू और मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत पंपलेट व पोस्टर भी बांटे गए हैं। जहां कहीं भी कोई केस सामने आता है तो उस गांव में दवाइयों का छिड़काव भी किया जाता है। अभी नागरिक अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज इलाज नहीं करा रहा है।
-डॉ. धर्मेश सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी।