अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। महेंद्रगढ-रेवाड़ी मार्ग पर 15 बसों को परमिट अलाट किए गए हैं। इनमें प्रत्येक बस प्रतिदिन तीन चक्कर लगाएगी। विदित रहे कि निजी बसों को परमिट देने के बाद भी जिन ग्रामीण रूटों पर परिवहन सहायता ग्रामीणों को मिलनी चाहिए थी, उनसे महरूम रहना पड़ रहा है।
महेंद्रगढ से रेवाड़ी स्टेट हाईवे पर सभी बसें चलने से गुढा, रसूलपुर, रामबास, ईसराना, ककराला, कपूरी, पाथेड़ा, अगिहार, केमला, बवानिया-बचीनी आदि ग्रामीण रूट पर ग्रामीण बसों को तरस गए हैं। उन्हें शहर जाने के लिए छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। विभागीय जानकारी के मुताबिक 15 निजी बसों का 22 जुलाई से परिचालन शुरू हो गया है। इन बसों में पास होल्डरों के साथ बदतमीजी की जाती है। इससे यात्रियों में रोष है। इस बारे में यात्री सुनील कुमार, नीरज, राजेश, मुकेश कुमार, हर्ष, सुशील कुमार, सत्यवीर सिंह, ओपी यादव, सुधीर कुमार, दीपक कुमार ने बताया कि सरकार के जारी पास नजरअंदाज कर उनसे किराए की मांग की जाती है। किराया नहीं देने पर परिचालक बदतमीजी करने लगते हैं। महेंद्रगढ से रेवाड़ी वाया कनीना में पहले चार बसों को परिमट दिए गए थे। छह बसें रेवाड़ी से कनीना के फेरे लगाती थीं। इन फेरों को बढ़ाकर महेंद्रगढ़ तक कर दिया गया है। करीब इतनी ही राज्य परिवहन की बसें इस रूट पर चलती हैं। इस बारे में प्राईवेट सोसायटी यूनियन के प्रधान विक्रम सिंह ने कहा कि महेंद्रगढ-रेवाड़ी रूट पर 15 बसों को संचालन शुरू हो गया है।