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Mahendragarh-Narnaul News: 122 फर्जी दुपहिया वाहनों फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी को लगा दी एक करोड़ की चपत, छह के विरुद्ध मामला दर्ज

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छह आरोपियों ने फर्जी लोन एग्रीमेंट देकर एक फाइनेंस कंपनी को एक करोड़ रुपये का चुना लगा दिया। श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस कंपनी के वरिष्ठ उत्पाद प्रबंधक की शिकायत पर छह नामजदों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों ने 122 लोगों के फर्जी कागजात तैयार कर दो पहिया वाहनों के लोन के नाम पर कंपनी को एक करोड़ की चपत लगा दी। पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर दीपक कुमार की शिकायत पर सतनाली थाना में छह आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। कंपनी के अधिकारियों द्वारा जब इस मामले की जांच की गई तो 15 ग्राहकों के लोन एग्रीमेंट में से 13 के एड्रेस, बैंक डिटेल आदि फर्जी पाए गए।
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एसपी को दी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस के सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि जिला चरखी दादरी के एसएस मोटर्स के मालिक प्रद्युमन, श्रीराम सिटी फाइनेंस के बिजनेस एसोसिएट रोहित निवासी लुहारू जिला भिवानी, नारनौल के गांव कारोली निवासी क्षेत्रीय जांच अधिकारी रविंद्र कुमार, भिवानी जिला के उत्पाद प्रबंधक मोनू शर्मा के अलावा क्रेडिट टीम के जसपाल और अवनीश ने मिलीभगत करके फर्जी लोन एग्रीमेंट देकर टू व्हीलर व्हीकल और अन्य वाहनों का लोन करवा लिया।
ऑडिट टीम ने की जांच तो हुआ खुलासा
शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस आरबीआई से मंजूरशुदा है। गत दिनों ऑडिट टीम ने बेचे गए वाहनों की जांच की तो 15 ग्राहकों के लोन एग्रीमेंट में से 13 एग्रीमेंट फर्जी पाए गए। इनमें फर्जी आईडी, प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, डीलर इनवॉयस बीमा के दस्तावेज, केवाईसी आदि जानकारी सभी फर्जी पाई गई हैं। इस सारे मामले के मास्टरमाइंड की भूमिका चरखी दादरी निवासी एसएस मोटर्स के मालिक प्रद्युमन की है।
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122 फर्जी दुपहिया वाहनों के दस्तावेज लगाए गए थे लोन में
ऑडिट टीम द्वारा की गई जांच में कुल 122 दुपहिया वाहनों के फर्जी कागज लोन में लगे हुए मिले। टीम द्वारा की गई जांच में दिखाए गए पते पर कोई भी व्यक्ति नहीं मिला। इस पर टीम को फर्जीवाड़े का संदेह हुआ। 122 दुपहिया वाहनों में लगाए गए रिहाइश प्रमाणपत्र भी फर्जी मिले तथा इनका कोई भी बैंक रिकॉर्ड नहीं पाया गया। यहां तक की ग्राहकों की बैंक खातों की जानकारी भी फर्जी पाई गई। मास्टर माइंड प्रद्युमन अपने निजी खाते से 96 फर्जी ग्राहकों की लोन किस्त जमा करता रहा ताकि कंपनी को फ्रॉड का अहसास न हो। जब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो आरोपियों ने कंपनी को राशि जमा कराने का भी आश्वासन दिया लेकिन डेढ़ माह के समय में भी राशि जमा नहीं कराने सभी आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है।
फर्जीवाड़े में यह आया सामने
122 दुपहिया वाहनों के फर्जी एग्रीमेंट की वजह से कंपनी को एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इसमें 87 लाख की राशि लोन डिबर्समेंट के तौर पर, 9 लाख 28 हजार रुपये ट्रेड एडवांस के नाम पर और लोन राशि के इन्सेंटिव के तौर पर करीब 1 लाख 35 हजार रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है। कुल मिलाकर कंपनी से एक करोड़ की राशि का फर्जीवाड़ा किया गया है।
एक फाइनेंस कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर छह लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में अभी तक शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए तथ्यों के आधार पर जांच जारी है। जांच प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी तथा जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- जगराम, थाना प्रभारी, सतनाली।
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