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बदरवाल सिटी में सात साल बाद भी नहीं मिले प्लाट

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। बदरवाल सिटी के प्लॉट धारकों ने मंगलवार को डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से मिलकर प्लॉट धारकों के नाम रजिस्ट्री कराने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि सात साल बाद भी हमें आशियाना नहीं मिल पा रहा। प्लॉट की करीब 90 प्रतिशत कीमत जमा करवा चुके हैं। इसमें ब्याज जोड़ा जाए तो यह कीमत काफी अधिक होगी।
बदरवाल सिटी के प्लॉट धारकों का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार शाम करीब चार बजे डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से मिला। शिष्टमंडल के प्रवक्ता विनय कुमार ने बताया कि सोसायटी की ओर स सात साल बाद भी प्लॉट की पॉजीशन नहीं दी जा रही। 2006 में महेंद्रगढ़ में नारनौल रोड पर गांव पायगा के नजदीक एक हाउसिंग सोसायटी विकसित की गई थी। बदरवाल सिटी नाम से विकसित की गई इस सोसायटी ने प्लॉट आवंटन के लिए आवेदन मांगे, जिसमें उन्होंने कुछ शर्तें रखी थीं। उसी के अनुरूप लोगों ने अपनी जमापूंजी से इसमें प्लॉट लेने के लिए आवेदन किया था। जिसमें से जिनको भी प्लॉट आवंटित हुए उन प्लॉट धारकों ने उनके निर्धारित नियम व समय अनुसार लगभग 90 प्रतिशत राशि जमा करवा दी। परंतु अभी तक सोसायटी ने उनको न तो प्लॉट की पोजिशन बताई और न ही रजिस्ट्री करवाई। अब सोसायटी ईडी के नाम पर नियम और कानून के विपरीत दर से अनाप-शनाप राशि लूटने का प्रयास कर रही है। प्लॉट धारकों का एक शिष्टमंडल राव रंगराव की अध्यक्षता में हरेरा व टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारियों से मिल चुका है। अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
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सोसायटी के सदस्यों ने इस बारे में अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला भी लिया है। अगर प्रशासन ने जल्द ही इसका समाधान नहीं किया गया तो अदालत में जाएंगे। सभी आवेदक इसके लिए दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद एक सामूहिक याचिका के जरिए अदालत जाएंगे।
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प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अधिकतर सदस्य वर्ष 2012 तक अपनी 90 प्रतिशत रकम जमा करा चुके हैं। अगर ब्याज का जोड़ा जाए तो 100 प्रतिशत से भी ज्यादा पैसा दे चुुके हैं। बिल्डर की ओर से लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं। आवेदक सात साल बाद भी किराए के घरों में रहने को मजबूर हैं।
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