अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में लगातार 17वें दिन भी जारी रही। हालांकि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का असर नारनौल में अधिक नहीं दिखाई दिया, क्योंकि रोडवेज विभाग ने हड़ताली कर्मचारियों के स्थान पर डेली वेजिज चालक-परिचालकों को लगाकर बसों का संचालन शुरू करवाया। दूसरी ओर हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को काम पर लौटने के आदेश दिए है। जिसके बाद प्रदेश स्तरीय कर्मचारी नेेताओं की मीटिंग कर चल रही है। जिसके बाद जिला स्तर पर कर्मचारी कोई निर्णय लेंगे।
जिले में हरियाणा राज्य परिवहन की बसें शुक्रवार को भी सामान्य रूप से चली। शुरूआत में विभाग लंबे रूटों की बजाय लोकल रूटों पर बसों का संचालन किया। वहीं अब धीरे-धीरे लंबे रूटों पर भी बस सेवा शुरू कर दी गई है। नारनौल डिपो से 102 बसें अपने निर्धारित समय पर विभिन्न रूटों पर चली। हरियाणा राज्य परिवहन के नारनौल डिपो के महाप्रबंधक राजीव नागपाल ने बताया कि जिले में विभाग के कुल 582 कर्मचारियों में से 542 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे। इनकी जगह डेली वेजिज के रूप 227 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके अलावा सोसायटी की बसें भी समय पर चल रही हैं। दीपावली के त्यौहार को देखते हुए विभाग ने सभी प्रकार की तैयारियां कर ली हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली, जयपुर व चंडीगढ़ जैसे लंबे रूटों पर भी बसों का संचालन सामान्य हो गया है।
बता दे कि रोडवेज कर्मचारी विभाग में निजी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत बसें लाने के विरोध में 16 अक्तूबर से हड़ताल पर चल रहे है। जिस कारण रोडवेज बस सेवा भी प्रभावित हो रही है। इस दौरान कर्मचारियों व सरकार के बीच दो बार वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन इन वार्ता में कोई समाधान नहीं निकाला। वहीं कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए दो दिन तक सामूहिक अवकाश पर भी रहे, लेकिन सरकार कर्मचारियों के आगे नहीं झुकी। जिस कारण रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी रही।
जीएम की अपील पर नहीं पहुंचा कोई कर्मचारी
रोडवेज महाप्रबंधक ने सभी हड़ताली कर्मचारियों को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक अपने कार्य पर लौटने की अपील की थी। रोडवेज महाप्रबंधक ने शुक्रवार को अपने कार्य पर लौटने वाले कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का भी प्रलोभन दिया था। बावजूद शुक्रवार को एक भी कर्मचारी कार्य पर नहीं लौटा। इस प्रकार शुक्रवार को भी 582 से 542 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
हाई कोर्ट के आदेश पर कर्मचारियों ने समाप्त की हड़ताल
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल पर एक व्यक्ति द्वारा हाई कोर्ट में दायर की गई अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कर्मचारी नेताओं शनिवार सुबह दस बजे तक बस सेवा शुरू करने तथा सरकार के साथ बातचीत कर अपनी मांगों का समाधान करने के निर्देश दिए। वहीं सरकार द्वारा हड़ताल के दौरान जिन कर्मचारियों पर एस्मा के तहत दर्ज हुए मामले व अन्य विभागीय कार्रवाई को आगामी सुनवाई तक सस्पेंड रखे गए है। अगर कर्मचारी कोर्ट के आर्डर अनुसार रोडवेज विभाग की परिवहन सेवा बहाल नहीं होते है तो कोर्ट का आर्डर मान्य नहीं होगा।
वर्जन
हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को काम पर लौटने के आदेश दिए है। जिसके बाद प्रदेश स्तरीय कर्मचारी नेेताओं की मीटिंग कर चल रही है। इस मीटिंग में होने वाले निर्णय पर ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
- बाबूलाल यादव, प्रदेशाध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ।
हाईकोर्ट के कर्मचारियों को कार्य पर लौटने के आदेश जारी किए है। कर्मचारी कार्य पर लौटते है तो बस सेवा पहले की भांति सुचारु हो पाएगी। हालांकि हड़ताल के दौरान भी परिवहन सेवा सामान्य रूप से चलाई जा रही है।
- राजीव नागपाल, जीएम रोडवेज नारनौल।