अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। नगर परिषद नारनौल सदन की साधारण बैठक शुक्रवार को हंगामे के साथ शुरू हुई। बैठक की शुरूआत में ही नगर पार्षदों ने शिकायत के बाद भी अधिकारियों द्वारा नप की जमीन पर कब्जा कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के विरोध में हंगामा शुरू कर दिया। इस पर नप अधिकारी ईओ अभय सिंह ने पार्षदों के सामने अपनी सफाई दी। तब जाकर मामला शांत हुआ।
इसके बाद पार्षदों ने एकमत से ईओ अभय सिंह को नगर परिषद की भूमि को चिह्नित कर उस पर तार-बाड़ करने का प्रस्ताव रखा। वहीं, नप की भूमि पर चल रहे कोर्ट केसों की मजबूत पैरवी के लिए नप द्वारा शहर के प्रतिष्ठित वकील को रखने का प्रस्ताव दिया। कब्जा कार्रवाई का मामला शांत होने के बाद ईओ अभय सिंह ने बैठक की कार्रवाई सुचारु की।
नप चेयरपर्सन भारती सैनी की अध्यक्षता में हुई साधारण बैठक में कुल 9 एजेंडे रखे गए। जिन्हें सदन सदस्यों ने बिना किसी आपत्ति के अपनी सहमति दी। इस दौरान पार्षदों ने नप अधिकारियों पर उनके द्वारा दी शिकायत और अन्य कार्यों को नजरअंदाज करने तथा शहर में अतिक्रमण व अवैध कब्जा हटाने पर भी भेदभाव करने का आरोप लगाया। इसके अलावा नप की खाली पड़ी जमीन को लीज पर देने के ईओ अभय सिंह के अनुमोदन पर दो पार्षदों के बीच काफी देर तक बहस हुई। एक पार्षद ने जमीन लीज पर देकर नगर परिषद के खजाने में पैसे आने का तर्क दिया तो दूसरे पार्षद ने करोड़ों की जमीन को कुछ रुपये में लीज पर देने का तर्क दिया। दोनों के बीच होती बहस को देखकर अन्य पार्षदों ने आगामी बैठक में लीज की जमीन का किराया निर्धारित करने की बात रखते हुए मामले का शांत करवाया।
पार्षदों ने उठाया नक्शा पास करने का मुद्दा
पार्षदों ने बैठक के दौरान नक्शा पास करने का मुद्दा भी जोर शोर उठाया। पार्षदों ने कहा कि नप अधिकारी ने एक जगह के दो अलग-अलग नक्शे होने के बावजूद एक नक्शे का अप्रूव कर दिया, जबकि एक नक्शे का अनप्रूव कर दिया।
पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
बैठक में पार्षदों ने नप अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी उनके द्वारा दी गई शिकायत या अन्य कार्यों को नजर अंदाज कर देते हैं। वहीं, अधिकारी पार्षदों के फोन तक नहीं उठाते। इस प्रकार वार्डवासियों के कार्य नहीं होने पर वार्ड में बेइज्जती होती है। जबकि वार्डवासियों ने ही उन्हें चुनकर पार्षद बनाया है। ऐसे में नप अधिकारियों द्वारा पार्षदों को नजर अंदाज करना गंभीर है।
सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों की कोठियों की बजाय शहर की सफाई में लगाए
बैठक में पार्षदों ने एकमत से शहर की सफाई के लिए लगाए गए सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों की कोठियों की बजाय शहर में सफाई में लगाने की बात कही। पार्षदों ने कहा कि अगर नप अधिकारी उन्हें अधिकारियों की कोठियों से नहीं हटा सकते है तो उनके स्थान पर और सफाई कर्मचारी भर्ती करें। ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सही प्रकार से चल सके।
पार्षदों ने वेतन बढ़ाने की मांग
पार्षद प्रमोद तरेडिया ने बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि कई पार्षद बेरोजगार हैं। इसलिए उनका वेतन साढ़े सात हजार से बढ़ाकर 22 हजार रुपये किया जाए। साथ ही पार्षदों व उनके बच्चों को मेडिकल क्लेम की सुविधा दी जाए। वहीं, पार्षदों को सांसद व विधायकों की तरह पेंशन देने का प्रावधान किया जाए। इनका प्रस्ताव बनाकर तुरंत सीएम के पास भेजने की मांग की।
बैठक में ये अधिकारी और पार्षद रहे मौजूद
नगर परिषद की साधारण बैठक में ईओ अभय सिंह, नप चेयरपर्सन भारती सैनी, उप प्रधान मनोज जांगड़ा, अकाउंट ऑफिसर अनिल कुमार, एमई चम्मन लाल, बीआई भीम सिंह, एसआई अनिल मलिक सहित दो पार्षदों को छोड़कर अन्य सभी 25 वार्डों के पार्षद मौजूद थे।
बैठक में रखे ये एजेंडे
1. नारनौल शहर की 21 शेष अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण का मामला फिर से सरकार के भेजा जाए।
2. शहर के सभी प्रमुख मार्गों के दोनों ओर नालों का निर्माण करवाया जाए।
3. शहर के सामान्य बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पुल बाजार, नागरिक अस्पताल, आजाद चौक पर ई-शौचालय की सुविध की जाए।
4. 17 जुलाई को परिषद प्रांगण में उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम के खर्चे का अनुमोदन किया जाए।
5. परिषद के वाहनों के लिए गैरेज का निर्माण कराया जाए।
6. शहर की सड़कों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया जाए।
7. नगर परिषद नारनौल की निर्मित दुकानें चौधरी देवीलाल कांप्लेक्स, रेलवे रोड, पुल बाजार, पार्क गली, भगवान महावीर कांप्लेक्स आदि दुकानों को कानूनी रूप से खाली करवाया जाए।
8. शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्य करवाएं जाए।
9. जिला पुस्तकालय में कार्य करवाने तथा पुस्तकालय का किसी पार्षद को सदस्य बनाने।
(इन एजेंडों के अलावा पार्षदों ने बरसाती पानी के लिए पंप सेट खरीदने, खराब एलईडी लाइटों को ठीक करवाने, ई-श्मशान घाट बनवाने और शहर की जर्जर हवेलियों को गिरवाने का प्रस्ताव रखा)