भूकंप आपदा से निपटने के लिए 21 को होगी मॉक ड्रिल
नारनौल। जिले में अगर भूकंप आए तो इस आपदा को निपटने में हम कितने सक्षम हैं, कितनी तकनीकी स्पोर्ट चाहिए और कितनी मैन पावर हमारे पास मौजूद हैं इन सबका वास्तविक परीक्षण 21 दिसंबर को होगा। 21 को हर जिले में एक साथ मॉक ड्रिल की जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल वीके दत्ता ने साथ बुधवार को राज्य के सभी उपायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मॉक ड्रिल से संबंधित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि भूकंप से पहले, भूकंप के दौरान और भूकंप के बाद हमें क्या करना है इसके बारे में सभी जिलों में गाइड लाइन भेजी जाएगी। जिले में उपलब्ध संसाधनों तथा मानव संसाधन का आंकड़ा अपडेट करना है। त्वरित कार्यवाही टीम का गठन किया जाना है।
दत्ता ने बताया कि जिले के स्कूल या कॉलेज, शॉपिंग माल, बस स्टैंड या रेलवे स्टैंड, अस्पताल तथा सिनेमा हॉल या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर यह ड्रिल होनी है। संबंधित उपायुक्त स्थान का चयन करेंगे। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप, बिजली विभाग के एसई नवीन कुमार, डीआरओ मातूराम नेहरा के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
लोग घबराएं नहीं, केवल मॉक ड्रिल है : उपायुक्त
उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने बताया कि 21 दिसंबर को होने वाली मॉक ड्रिल में सरकारी अमले के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के संगठन व एनजीओ को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस मॉक ड्रिल से विचलित न हों यह केवल जागरूकता फैलाने तथा आपदा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए है। इस दौरान किसी भी प्रकार की हड़बड़ी न मचाएं।
भूकंप आए तो क्या करें:
भूकंप के समय यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें। भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो मजबूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें। टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें। घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़की और दरवाजों और दीवारों से दूर रहें। बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें। तकिये से सिर ढक लें। आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज न जलाएं क्योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है।