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गीता महोत्सव

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गीता का सार समझने के लिए खुद को समझें : उपायुक्त
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फोटो नंबर चार से सात
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल का कहना है कि गीता मनुष्य को न केवल सही कर्म करने के लिए प्रेरित करती है बल्कि जीवन के अनेक उतार-चढ़ाव में मार्गदर्शन भी करती है। इसके संदेश को गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए गीता महोत्सव जैसे कार्यक्रम जरूरी हैं। गीता महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को आयोजित सेमिनार में उपायुक्त ने कहा कि हमें गीता के गूढ़ रहस्य को समझने की जरूरत है। इसे समझने के लिए पहले इंसान को अपने अंदर झांकना होगा और खुद को खुद से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि गीता का एक ही मूल सार है कि मानव कल्याण कैसे किया जाए। डीसी ने कहा कि सरकार ने दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाए हुए हैं। एक गीता महोत्सव और दूसरा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान। इन दोनों में ही समाज के हर वर्ग व तबके की भागीदार जरूरी है।
सेमिनार में वृंदावन से आए बालकृष्ण, केंद्रीय विश्वविद्यालय से दिनेश चहल, प्राध्यापक दलजीत शास्त्री, मास्टर सुरेश कुमार ने गीता पर अपने व्याख्यान दिए। इस दौरान छात्रा कनिष्का व छात्र शुभम ने श्लोकोच्चारण किया। कार्यक्रम में कुलदीप एंड पार्टी ने गीता व स्वच्छता पर हरियाणवी रागिनी सुनाकर खूब तालियां बटोरी। इससे पहले मुख्यातिथि के आगमन पर ढोल-नगाड़ों व बीन के साथ स्वागत किया गया। डीसी ने यहां पर लगी प्रदर्शनी को अवलोकन भी किया। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान शिव कुमार महता, अतिरिक्त उपायुक्त धर्मेन्द्र सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह, डीआरओ मातूराम नेहरा, डीडीपीओ कुलदीप सिंह के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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हवन में आहुति डाली
सेमिनार से पहले श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति के सदस्यों ने हवन किया। हवन में अतिरिक्त उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह, देवकीनंदन शास्त्री, क्रांति निर्मल, शिव हरि यादव, सुरेश, वासुदेव खुराना, गोपाल नंबरदार, इशांत मित्तल, घनश्याम गर्ग, परमानंद पाहुजा, राधिका सैनी व मधु यादव ने आहुति डाली।
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सांस्कृतिक संध्या आज
गीता महोत्सव के तीसरे दिन 30 नवंबर को शोभा व कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा को विधायक नारनौल ओमप्रकाश यादव 12 बजे चामुंडा देवी मंदिर से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके बाद यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए सभागार में पहुंचेगी। इसके बाद शाम 6 बजे प्रदेश के जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद पुरस्कार वितरण होगा।
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