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सजने लगे हैं करवा चौथ पर बाजार

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सज गए बाजार, कीमत में जीएसटी का शृंगार
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करवाचौथ को लेकर बाजारों में रौनक, करवे लेकर अन्य आइटम भी गत वर्ष की तुलना में महंगे
फोटो नंबर दो से दस तक
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। करवाचौथ को लेकर बाजारों में रौनक है। चूड़ियों से लेकर कपड़े की दुकानें और गिफ्ट स्टोर सभी बाजार में सज गए हैं। गिफ्ट आइटम व चूड़ियों की दुकानदारों ने ग्राहकों को रिझाने के लिए विशेष सजावट भी की है। इस बार जीएसटी की मार भी दुकानों में देखी जा रही है। जीएसटी से शृंगार का सामान महंगा हो गया, वहीं साड़ियां भी गत वर्ष की तुलना में महंगी हैं। परंपरागत करवे के अलावा अन्य आइटम भी गत वर्ष की तुलना में महंगे हो गए हैं।
इस बार आठ अक्टूबर को करवाचौथ का व्रत मनाया जाएगा। इस व्रत को लेकर महिलाओं खासकर नव विवाहित महिलाओं में खासा उत्साह रहता है। अब तो कुछ कुंवारी लड़कियां व पुरुष भी करवा चौथ का व्रत रखने लग गए हैं। इससे यह परंपरा पहले की भांति अभी भी वैसे की वैसे ही चलती आ रही है। यह बात अलग है कि अब पहले की भांति एक मोहल्ले की औरतें एकत्र होकर कहानी नहीं सुनतीं। बुजुर्ग महिला धापली देवी, राजवंती व लीला देवी आदि ने बताया कि पहले महिलाएं कड़ा व्रत करती थीं और दिनभर पानी तक नहीं पीती थी। अब कई महिलाएं तो सुबह-सुबह उठ कर ही कुछ थोड़ा बहुत खा लेती हैं।
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नव विवाहिता पूनम और स्नेहलता ने बताया कि करवा चौथ का व्रत वे पूरी परंपरा के साथ करेंगी। उन्होंने बताया कि वे अपनी सास के साथ मिलकर करवा चौथ व्रत कथा सुनेंगी। उन्होंने बताया कि करवा चौथ व्रत के लिए उनमें उत्साह है। इसकी सभी तैयारियां उन्होंने पूरी की हुई है। उन्होंने बताया कि करवा चौथ के व्रत के बारे में उन्होंने अपनी मां व भाभियों से बहुत कुछ सीखा है और यह भारतीय नारी के लिए सबसे अच्छा दिन होता है। इसलिए वे यह व्रत कर पति धर्म को निभाएंगी।

ब्यूटी कीट हुई महंगी, इस बार कम आ रही महिलाएं
ब्यूटी पार्लर संचालिका सुनीता राज सैनी व प्रियंका ने बताया कि इस बार ब्यूटी कीट जीएसटी के कारण महंगी हो गई है। वहीं काम भी गत वर्ष के मुकाबले बहुत ही कम हो गया है। महिलाएं महंगे फेस पैक नहीं ले रही हैं। इसके कारण इस बार ब्यूटी पार्लर का धंधा अभी चमका नहीं है। वहीं ग्रहणी अंजू ने बताया कि जीएसटी के कारण शृंगार करना भी महंगा हो गया है। अभी पार्लर जाने का विचार नहीं है।

जीएसटी और महंगाई की मार भी
इस बार करवा चौथ पर जीएसटी व महंगाई की मार भी साफ देखी जा सकती है। गत वर्षों के मुकाबले इस बार सभी चीजें महंगी हो गई हैं। हरियाणा साड़ी के संजय सोनी, स्वागत साड़ी के श्याम सुंदर, गोयल एंपोरियम के दीपक गोयल, मनोज कुमार आदि ने बताया कि इस बार साड़ियों की रेंज गत वर्ष के मुकाबले कुछ ज्यादा है। वहीं जीएसटी के कारण कपड़ा महंगा हो गया है। गत वर्ष जहां नेट की साड़ी एक हजार से 1200 रुपये तक की मिल जाती थी, वह इस बार 1500 रुपये तक की है। इस प्रकार अन्य साड़ियां भी महंगी हो गई हैं।

चूड़ियों के दाम में इजाफा
वहीं चूड़ी विक्रेता नंदलाल व होशियार सिंह लखेरा ने बताया कि चूडिय़ों के दामों में भी इस बार काफी इजाफा देखा गया है। जीएसटी लगने से भी महंगाई दिख रही है। उन्होंने बताया कि बेशक सभी चीजें महंगी हो गई हों, परंतु करवा चौथ के मौके पर बाजारों में महिलाओं की काफी भीड़ आने लगी है।

बाजार में आई करवों की बहार
बाजार में दो-तीन दिन से करवों की बहार आई हुई है। करवे बनाने का काम भी जोर-शोर से चल रहा है। वीरवार को करवों की दुकानों पर भी महिलाओं की भीड़ देखी गई। करवे चासनी के बनाए जाते हैं। इनमें खांड़ की चासनी का इस्तेमाल होता है। पहले करवे केवल मिट्टी के बने सांचे में ही बनाए जाते थे, मगर अब लकड़ी के या अन्य धातु के सांचे में भी करवे बनाए जाने लगे हैं। फिर भी मिट्टी के बने सांचे के करवे की मांग सबसे ज्यादा है, जो अन्य सांचों से बने करवों से महंगे भी हैं।
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इन दुकानों पर भीड़ ज्यादा
करवा चौथ महिलाओं का व्रत है। लिहाजा लेडीज सामान की दुकानों पर ही इसकी भीड़ ज्यादा दिख रही है। इनमें लेडीज सूट, कपड़े की दुकान के अलावा शृंगार के सामान, ब्यूटी पार्लर, साड़ियों की दुकान और चूड़ियों की दुकान पर भीड़ ज्यादा है। कई गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी भीड़ है। वहीं मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ देखी गई।

करवा के रेट प्रति किलो
साधारण फर्म में बना मिट्टी के फर्म में बना
गत वर्ष 80 से 90 रुपये 100 से 120 रुपये
इस वर्ष 90 से 100 रुपये 100 से 130 रुपये
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