अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। शहर में बन रही अनुसूचित जाति ओद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन का निर्माण निर्धारित समय से तीन महीने ज्यादा होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। अभी इसे पूरा होने में लगभग एक महीना और लग सकता है। अगस्त 2015 में शुरू हुआ निर्माण अप्रैल में समाप्त होना था। काम पूरा नहीं होने के कारण इस बार कक्षाएं भी शुरू नहीं हो पाएंगी। सरकार ने भी आईटीआई के लिए ट्रेड, सीटें और स्टाफ अॅलाट नहीं किया है। अधिकारियों की माने तो आईटीआई का केवल वायरिंग का काम बचा है। पेंट, पार्किंग और सीवरेज व्यवस्था का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
नगर के आईटीआई मैदान में अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए आईटीआई भवन बनाया जा रहा है। इसमें 75 प्रतिशत विद्यार्थी अनुसूचित जाति श्रेणी के होंगे, जबकि 25 प्रतिशत श्रेणी में अन्य कैटेगरी के विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। लगभग पांच करोड़ से बनाया जा रहा आईटीआई का दो मंजिला भवन भूकंप रोधी होगा। इसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अभी वायरिंग का काम बचा है। काम पूरा नहीं होने के कारण सरकार ने इस वर्ष आईटीआई में कक्षाएं शुरू नहीं की है। अब अनुसूचित विद्यार्थियों को एक और वर्ष प्रवेश के लिए इंतजार करना होगा। अनुसूचित जाति आईटीआई नारनौल के बाद दूसरी आईटीआई होगी।
आईटीआई में बने 18 वर्कशॉप कक्ष
नए आईटीआई भवन में लगभग 18 वर्कशॉप कक्ष बनाए गए हैं। ग्राउंड फ्लोर पर 14 और फर्स्ट फ्लोर पर चार वर्कशॉप कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा 22 क्लास रूम, एक अप्रेंटिस, एक स्टोर रूम भी बनाया गया है। आईटीआई में आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी।
आईटीआई में होंगे 20 ट्रेड
नए आईटीआई में लगभग 20 ट्रेड होंगे। आईटीआई में वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, कारपेंटर, मैकेनिक फ्रीज एंड एसी, फाउंड्रीमैन, डीएमएम, मोटर मैकेनिक, सीट मेटल, टर्नर, मशीनिस्ट, वायरमैन, स्टेनो हिंदी, रेडियो मैकेनिक, एमसीईए और वायर मैन आदि ट्रेडों की वर्कशॉप बनाई गई हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां पर लगभग 20 ट्रेड में प्रवेश होंगे। हालांकि, अभी तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक ने ट्रेड अलॉट नहीं किए हैं।
आईटीआई भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अभी वायरिंग का बचा है। इसे जल्द पूरा करके तकनीकी शिक्षा विभाग को सौंप दिया जाएगा।
-एसडीओ राजवीर शर्मा।