महेंद्रगढ़। गांव भगड़ाना में एक साथ 12 युवाओं को रोजगार मिलने पर गांव में खुशी की लहर है। एक साथ इतने युवाओं को रोजगार मिलने पर युवाओं में भी उत्साह है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा शुक्रवार को घोषित ग्रुप सी और डी के परीक्षा परिणाम के बाद गांव में खुशी की लहर है। युवा संगठन भगड़ाना के उपाध्यक्ष हवा सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने प्रत्येक युवा के घर पहुंचकर उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।
संजय : पूर्व सैनिक अब बना पटवारी
भारतीय सेना में बतौर पैरा कमांडो 12 वर्ष की सेवा देने के उपरांत सेवानिवृत्त हुआ था। सेवानिवृत्ति के उपरांत भी पढ़ाई जारी रखी। अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में पटवारी पद पर चयन हुआ है।
-संजय फौजी पुत्र धर्मबीर सिंह
ललित : पिता ने किया संघर्ष
पिता लगातार अपनी कारपेंटर की दुकान में घंटों तक काम करते थे। उनका सपना पूरा करने के लिए प्रतिदिन पांच से छह घंटे की पढ़ाई करना ही दिनचर्या का हिस्सा बनाया था। प्रदेश सरकार की ओर से बिना पर्ची बिना खर्ची नौकरी देने के वायदे को निभाया। उसका चयन ग्राम सचिव पद पर हुआ है।
-ललित कुमार पुत्र अशोक कुमार
-
निजित : पूर्व सैनिक का बेटा बना पुलिसकर्मी
पूर्व सैनिक पिता की प्रेरणा ने लगातार मार्गदर्शन किया। सैनिक परिवार से होना का फायदा भी मिला। पिता लगातार फिजिकल फिटनेश पर ध्यान देते थे। पढ़ाई में भी हर संभव सहयोग किया।
-निजित पुत्र विक्रम सिंह
-
हिमांश : किसान पिता का सपना हुआ पूरा
खेती किसानी से जुड़ा होने के कारण लगातार खेतों में काम करने के साथ-साथ पढ़ाई पर भी अपना पूरा ध्यान दिया। एचएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में सफलता प्राप्त करना गर्व की बात है। परीक्षा परिणाम में उनका चयन ग्राम सचिव व हरियाणा पुलिस में हुआ है।
-हिमांश पुत्र पवन कुमार
रविना : पुत्रवधु अब संभालेगी ग्राम पंचायतों का काम
किसान परिवार में होने के बावजूद भी तीन वर्षों तक लगातार पढ़ाई जारी रखी। परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ खेती-किसानी में भी हाथ बंटाया। पढ़ाई को कभी बाधित नहीं होने दिया। अब ग्राम सचिव पद पर चयन होने से परिवार में खुशी की लहर है। अब ग्राम पंचायतों का काम संभालूंगी।
- रविना पत्नी संदीप यादव
दीपक : पहले ग्रुप डी में हुआ था चयन, अब बना क्लर्क
पहले ग्रुप डी में चयन हुआ था, लेकिन इसके बाद कड़ी मेहनत करके क्लर्क की नौकरी पा ली है। परिवार में खुशी का माहौल है। प्रदेश सरकार ने बिना पर्ची खर्ची के नौकरी मिलने का सपना पूरा किया।
-दीपक पुत्र अशोक कुमार
-
पंकज : निजी शिक्षक की नौकरी छोड़ बना पटवारी
लगातार संघर्ष करने के बावजूद भी रोजगार नहीं मिल रहा है। निजी संस्थान में शिक्षक के रूप में काम किया। अनेक युवाओं के सपने साकार किए। शिक्षा ग्रहण करके अनेक बच्चे बड़े पदों पर पहुंचे। अब मुझे पटवारी की नौकरी के रूप में यह सफलता मिली है तो गर्व की बात है।
-पंकज जांगड़ा पुत्र श्रीराम सिंह
-
दिव्या : संघर्ष कर किसान की बेटी ने पाई सफलता
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के घोषित परिणाम में अब उनका चयन क्लर्क व हरियाणा पुलिस के लिए हुआ है। परिवार की पहली बेटी को नौकरी मिलने से खुशी है। अब गांव में अन्य बेटियां भी सफलता से प्रेरणा लेकर आगे बढ़कर परिवार का नाम रोशन कर सकेंगी।
-दिव्या पुत्री सुंदरपाल
नवनीत : ग्रुप डी की छोड़ी नौकरी अब बना क्लर्क
पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में ग्रुप डी में चयन हुआ था। पढ़ाई नहीं छोड़ी और पुन: प्रयास किया तो अब क्लर्क पद पर चयन हुआ है।
-नवनीत पुत्र बीर सिंह
-रीन
रीना : घर की जिम्मेदारी के साथ निभाएगी फर्ज
परिवार में पहली महिला को नौकरी मिलना गर्व की बात है। परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ पढ़ाई भी जारी रखी। इसमें पति एवं परिवार ने भी भरपूर सहयोग किया। हरियाणा पुलिस में चयन होने से परिवार में खुशी है।
-रीना पत्नी प्रदीप कुमार बंटी
-
- सतीश : कठिन प्रयास ने बनाया ग्राम सचिव
लगातार संघर्ष एवं कठिन प्रयास करके कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। ग्राम सचिव के पद पर चयन होना परिश्रम का ही फल है।
-सतीश जांगड़ा पुत्र बाबूलाल
दीपक : डी ग्रुप की नौकरी छोड़ बना लाइब्रेरी क्लर्क
इससे पूर्व ग्रुप डी में चयन हुआ था, लेकिन पिता के सपने को पूरा करने के लिए खेतों में काम कर पिता का सहयोग भी किया। अब लाइब्रेरी क्लर्क के रूप में चयन हुआ है।
- दीपक पुत्र कर्मवीर