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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल से 12 चिकित्सक व 14 नर्स को डेपुटेशन पर भेजा

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फोटो संख्या:74- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़--संवाद
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महेंद्रगढ़। लंबे समय से सुविधाओं की कमी झेल रहे नागरिक अस्पताल से 12 चिकित्सकों व 14 नर्सिंग स्टाफ को भी पिछले एक माह के दौरान कोरिवास मेडिकल कॉलेज व अन्य संस्थानों में भेज दिया है। पिछले एक माह के दौरान 12 चिकित्सकों के नागरिक अस्पताल से अन्य स्थानों पर डेपुटेशन होने के कारण पहले से दम तोड़ रहीं स्वास्थ्य सेवाएं अब गंभीर हालात में पहुंच चुकी हैं।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 400 ओपीडी होती हैं। ऐसे में अब लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। पहले से ही संसाधनों की कमी झेल रहा रेफरल अस्पताल अब चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के अभाव में खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रहा है।
वहीं महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह के निरीक्षण के बाद भी अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। 18 मई को मुख्यमंत्री की महेंद्रगढ़ में हुई धन्यवाद रैली में भी स्वास्थ्य मंत्री आरती राव खुद अस्पताल निर्माण के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगा चुकी हैं।
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12 चिकित्सक को डेपुटेशन पर भेजा कोरियावास मेडिकल कॉलेज
पिछले एक माह के दौरान नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ के हड्डी विभाग से डॉ. अमित, एमडी मेडिशियन अनिल, एनएसथीसिया विशेषज्ञा डॉ. पुष्पा, एमबीबीएस डॉ. विक्की पुनिया, पैथोलॉजिकल सर्जन डॉ. अर्चना को कोरियावास मेडिकल कॉलेज में डेपुटेशन पर भेज दिया गया है। एमबीबीएस विवेक शर्मा को सतनाली भेजा गया है। एमबीबीएस आकाश व अनुपम को अटेली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डेपुटेशन पर भेजा गया है। डॉ. प्रीति, नेहा, पारूल, निशांत को नारनौल के नागरिक अस्पताल में डेपुटेशन पर भेजा गया है।

14 नर्सिंग स्टाफ का भी कोरियावास मेडिकल कॉलेज में हुआ तबादला
महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल से दो (एसएनओ) सीनियर नर्सिंग अधिकारियों के साथ-साथ 12 (एनओ) नर्सिंग अधिकारियों को भी कोरियावास मेडिकल काॅलेज में तबादला कर दिया है। ऐसे में महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। नियुक्ति चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ भी दबाव में काम करना पड़ रहा है। महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में कुल 39 नर्सिंग ऑफिसर कार्यरत थे, जिनमें से 14 को कोरियावास भेज दिया गया है जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।
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पिछले एक माह के दौरान हुई महज 18 डिलिवरी

गायनोलॉजिस्ट विशेषज्ञ के अभाव में पिछले एक माह के दौरान 18 डिलिवरी हुई हैं। इसमें से नौ डिलिवरी नॉर्मल व नौ सिजेरियन हुई हैं। 18 महिलाओं को हाई सेंटर के लिए रेफर किया गया है। पिछले पांच महीनों से गायनी विभाग के सभी पद खाली पड़े हैं। गायनोलॉजिस्ट के अभाव में ऑन काल डॉ. स्वाति व सुकन्या की सेवाएं ली जा रही हैं। कई बार समय नहीं देने के कारण नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ रेफरल अस्पताल बना हुआ है। वहीं यही हालात कनीना के उप नागरिक अस्पताल के हैं जहां पिछले माह स्वास्थ्य मंत्री ने भी पिछले जून माह के दौरान कनीना में एफआरयू यूनिट शुरू करा खूब वाहवाही लूटी थी। यहां 14 जून को ही महज एक सिजेरियन डिलिवरी हुई है। यहां भी गायनोलॉजिस्ट के पद रिक्त हैं। ऑनकॉल सुविधाओं के लिए महेंद्रगढ़ से ही ऑनकॉल चिकित्सकों की व्यवस्थाएं की गई हैं।

कनीना उप नागरिक अस्पताल में भी बिगड़े हालात
महेंद्रगढ़। कनीना उप नागरिक अस्पताल के अंतर्गत आने वाली दौंगड़ा अहीर, भोजावास व मुंडिया खेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों का तबादला भी कोरियावास मेडिकल कॉलेज कर दिया गया है। उप नागरिक अस्पताल में कार्यरत तीन नर्सिंग स्टाफ, चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कोरियावास भेजा गया है। इसके कारण उप नागरिक अस्पताल में भी लगातार व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं। वहीं महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतिभा व तमन्ना भी अवकाश पर चल रही है। इसके अलावा दूसरी चिकित्सा रीतू भी मातृत्व अवकाश पर चल रही है। महिला चिकित्सक नहीं होने के कारण आमजन को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। कनीना से गर्भवती महिलाओं को नारनौल व महेंद्रगढ़ रेफर कर दिया जाता है। जबकि महेंद्रगढ़ में पिछले पांच माह से गायनोलॉजिस्ट का पद रिक्त पड़ा है। संवाद

वर्जन
मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण था और उसे शुरू करना था। इसलिए चिकित्सकों को वहां भेजा गया है। भेजे गए चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है और कुछ नर्सिंग स्टाफ को भी भेजा गया है। महेंद्रगढ़ अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ मौजूद है।
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-सीएमओ डॉ. अशोक कुमार

फोटो संख्या:74- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़--संवाद

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