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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के 14वें दिन भी लंबे रूटों पर यात्रियों को परेशानी बरकरार

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। प्राइवेट बसों को परमिट जारी के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 14वें दिन भी जारी रही। रोडवेज ने सोमवार को 109 बसों का संचालन किया गया जोकि रेवाड़ी, दिल्ली, जयपुर, दादरी, महेंद्रगढ़ आदि रूटों पर चली। अनुभवहीन चालक होने के कारण विभाग अभी भी चंडीगढ़, हिसार व भिवानी जैसे लंबे रूटों पर बसें चलाने से परहेज कर रहा है जिससे लोगों को कुछ परेशानी जरूर हो रही है। फिर भी यात्री बसे बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किए जाने पर हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का बिगुल बजा दिया है। विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने 30 व 31 अक्तूबर को सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है। ऐसे में अगर इन दो दिनों में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने रोडवेज कर्मचारियों का समर्थन किया तो आजमन के लिए परेशानी हो सकती है। हालांकि इससे पूर्व भी कर्मचारियों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश रखा था लेकिन उनकी रणनीति कामयाब नहीं पाई। अब दोबारा से दो दिन सामूहिक अवकाश पर रहने का फैसला किया है।
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बता दें कि रोडवेज कर्मचारियों की सरकार द्वारा 720 निजी परमिट जारी करने के विरोध में पिछले 13 दिन से हड़ताल पर है। इस कारण रोडवेज की व्यवस्था बिगड़ गई है। चालक-परिचालकों के साथ रोडवेज विभाग का अन्य स्टाफ भी हड़ताल में शामिल हो गया है। नारनौल रोडवेज के 596 के स्टाफ में से केवल 48 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंच रहे है जबकि पांच प्रोबेशन पर चल रहे चालक भी सोमवार को ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। ऐसे में रोडवेज विभाग को चलाना सरकार व अधिकारियों के चुनौती बना हुआ है। हालांकि यात्रियों को परेशानी को देखते हुए सरकार ने ठेके पर चालक व परिचालकों की भर्ती कर दी है। जिनके सहारे रोडवेज की नैया पार लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी है हड़ताल पर
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन विभिन्न विभाग के कर्मचारी बिजली निगम के एसई कार्यालय प्रांगण में धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। इनमें जनस्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल है। धरने पर बैठे कर्मचारी को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार प्रत्येक विभाग का निजीकरण करने पर तुली हुई है। परंतु कर्मचारी ऐसा कभी नहीं होने देंगे।
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दो दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहने से बिगड़ सकती है व्यवस्था
सरकार के खिलाफ विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में मंगलवार व बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है। अगर यह आंदोलन सफल होता है तो आमजन की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि बिजली-पानी सहित अन्य प्रकार के कार्य भी प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
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