किसानों को नहीं मिल रही यूरिया खाद, भेदभाव के आरोप
नांगल चौधरी। यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे गेहूं व सरसों की फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई। किसानों ने सरकार तत्काल यूरिया भेजने की गुहार लगाई है। अन्यथा परेशान किसान धरने-प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
नांगल कालिया, भुंगारका, मेघोत हाला, अकबरपुर के किसानों ने बताया कि नांगल चौधरी में सहकारी समितियां होने के अलावा निजी बिक्री केंद्र हैं। जहां निर्धारित कीमत पर यूरिया खाद उपलब्ध कराने के आदेश हैं। कालाबाजारी रोकने के मकसद से पीओएस मशीन से वितरण के आदेश हैं। इससे किसानों को सुविधा पूर्वक खाद-बीज उपलब्ध होने की उम्मीद हुई थी। किंतु यूरिया खाद के रैक भेजने में सरकार लापरवाही बरत रही है। इधर किसानों ने गेहूं व सरसों की सिंचाई शुरू कर दी। विशेषज्ञों के मुताबिक पहली सिंचाई में यूरिया का छिड़काव अनिवार्य है। इससे पौधा ग्रोथ व फुटाव अधिक कर सकेगा, लेकिन यूरिया खाद के अभाव में उनकी फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई। किसानों ने बताया कि 8-10 हजार रुपये प्रति एकड़ खर्च हो चुके। अब खाद के अभाव में लागत राशि व मेहनत पर पानी फिरने की संभावना बढ़ गई। समस्या से कृषि विभाग को अवगत करवा दिया। बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।
नांगल चौधरी पैक्स के कर्मचारियों ने बताया कि अबकी बार यूरिया खाद की सप्लाई नहीं मिली। पहले का स्टॉक खाली है। सैकड़ों किसान यूरिया लेने आते हैं, किंतु स्टॉक नहीं होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। यूरिया कब पहुंचेगा, इस संदर्भ में हैफेड अधिकारी या कृषि विभाग जवाब दे सकता है।
जल्द ही पहुंचेगा रैक: एडीओ
कृषि विभाग के एडीओ डॉ. सतीश यादव ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी नहीं हो रही है। पीछे से ही रैक उपलब्ध नहीं हो रहा। अगले 2-3 दिन में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने की संभावना है। उन्होंने किसानों को सीमित मात्रा में खाद इस्तेमाल की हिदायत दी है। अन्यथा फसल पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।