अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। भारत के स्वतंत्र होने से पहले बना महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन आज भी सुविधाओं से महरूम है। 105 वर्ष बीत जाने के बाद भी स्टेशन पर टिन शेड, आरक्षित कोच के लिए डिस्पले बोर्ड, आरपीएफ चौकी, सीसीटीवी कैमरे, पार्सल, गेट, एटीएम मशीन जैसी सुविधाएं नहीं हैं। पिछले पांच वर्षों में यात्रियों की संख्या लगभग 15 हजार का इजाफा हुआ है और रेलवे को लगभग पांच करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है। इसके बाद भी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। लगभग 2009 में महेंद्रगढ़-सादलपुर रेलवे ट्रेक पर ब्रॉडगेज लाइन डाली गई थी। उस समय स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ने की आस जगी थी। अब उसके बाद स्टेशन पर सुविधाएं नहीं बढ़ाई र्गइं। दैनिक रेलयात्री संघ और दैनिक रेलयात्री महासंघ कई बार जीएम को संबोधित ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। रविवार को दैनिक रेलयात्री महासंघ ने आरपीएफ चौकी खुलवाने के लिए स्टेशन अधीक्षक निरंजन कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंनेे ज्ञापन में स्टेशन पर आरपीएफ चौकी खुलवाने की मांग की है। ज्ञापन की कॉपी प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, चेयरमैन रेलवे बोर्ड, जीएम आदि को भेजी है।
नहीं है मुख्य गेट और पार्सल सुविधा
रेलवे स्टेशन पर दो मुख्य गेट होने चाहिए। यहां एक गेट भी नहीं है। ऑटो सवारी लेकर बाहर निकलते हैं तो जाम लग जाता हैं। स्टेशन पर पहले पार्सल की सुविधा थी, लेकिन करीब 20 वर्षों से यह सुविधा बंद है। इस कारण यात्रियों और व्यापारियों को पार्सल के लिए रेवाड़ी जाना पड़ता है। बारिश में स्टेशन परिसर में पानी भर जाता है। पार्क के लिए रेलवे के अधिकारी बोल चुके हैं, लेकिन एक वर्ष बाद भी यह नहीं बन सका है।
नहीं है एटीएम सुविधा
महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर एटीएम भी नहीं लगा है। दैनिक रेलयात्री संघ ने इसके लिए बहुत प्रयास किए, लेकिन एटीएम नहीं लगा। स्टेशन से मजदूरी दर और जमीन दर भी भेजी जा चुकी है। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी एटीएम के लिए स्थान निर्धारित नहीं किया गया है। सीनियर डीसीएम रेलवे के सामने भी यह मांग रखी गई थी, लेकिन वे आश्वासन देकर चले गए।
सुरक्षा व्यवस्था का अभाव
महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। स्टेशन पर न तो सीसीटीवी कैमरे हैं न ही आरपीएफ चौकी है। स्टेशन से कुछ दूरी पर जीआरपी चौकी है, लेकिन जब तक जीआरपी कर्मचारी आते हैं, तब तक वारदात हो चुकी होती है। स्टेशन पर चेन स्नेचिंग, बैग चोरी की वारदात हो चुकी हैं। इसके लिए बीकानेर मंडल के उच्च अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
वर्ष यात्रियों की संख्या
2013 53हजार
2014 52हजार
2015 59हजार
2016 63हजार
2017 67हजार
प्रति वर्ष रेलवे को मिलते हैं 5 करोड़ रुपये
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बीकानेर मंडल से प्रति वर्ष लगभग पांच करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। प्रति माह 41 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। कुछ माह में 46 लाख रुपये का राजस्व पर मंडल को गया है। प्रति वर्ष यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। इसके बाद भी महेंद्रगढ़ स्टेशन से पर यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
स्टेशन पर आरपीएफ चौकी होनी चाहिए। इससे स्टेशन पर चेन स्नेचिंग और चोरी रोकी जा सके। इसके अलावा शराब पीकर हंगामा करने वालों पर नकेल कसी जा सके।
- गौरव धींगड़ा।
स्टेशन पर समस्याओं का अंबार है। नए रेलवे स्टेशन को बने आठ वर्ष से अधिक हो चुके हैं, किंतु प्लेट फॉर्म न. 2 पर टिन शेड तक नहीं है। पार्सल सुविधा भी नहीं है।
-कृष्ण कुमार।
स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने जाने के लिए कई ज्ञापन दे चुके हैं। आज भी जीएम और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। स्टेशन पर अगर सितंबर माह तक आरपीएफ चौकी नहीं खुली तो अक्टूबर माह से प्रदर्शन शुरू करेंगे।
-रामनिवास पाटोदा, प्रधान, दैनिक रेलयात्री महासंघ।
महेंद्रगढ़ और आसपास के स्टेशनों पर कई समस्याएं हैं। इनको डीआरयूसीसी मीटिंग में उठाया जाएगा। इस वर्ष रेलवे स्टेशन का जीएम निरीक्षण भी करेंगे। उससे पहले ही सभी कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-सुंदर लाल जोरासिया, डीआरयूसीसी मेंबर, बीकानेर मंडल।
एटीएम मशीनों के लिए दो या तीन दिन में मंडल की ओर से विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा जो भी जायज समस्याएं हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा।
-सीआर कुमावत, सीनियर डीसीएम, बीकानेर मंडल।