महेंद्रगढ़। हकेंवि परिसर में तीन दिवसीय 40वीं राज्य पशुधन प्रदर्शनी-2024 के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री ने कहा कि पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना राज्य में पिछले पांच वर्षों से क्रियान्वित है, जिसके तहत 11.19 लाख पशुओं का बीमा किया गया है। इस योजना में अनुसूचित जाति के पशुपालकों का बीमा निशुल्क किया जाता है। इस योजना के तहत अब तक लगभग 63.72 करोड़ रूपये की बीमा दावा राशि बीमा कंपनी की ओर से पशुपालकों को वितरित की जा चुकी है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के पशुपालकों को पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जा रहे हैं और अब तक 1.56 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों की ओर से स्वीकृत किए गए हैं, और राज्य के पशुपालकों को दो हजार करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। हरियाणा सरकार ने गरीब से गरीब परिवारों की पारिवारिक आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना शुरू की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सबसे अधिक 94 हजार आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत अब तक 31914 पशु इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल के अथक प्रयासों से पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य में मोबाइल पशु चिकित्सालयों की शुरूआत की जा रही है। इस संबंध में राज्य में 70 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की स्थापना के लिए भारत सरकार की ओर से 11.20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान यह रहे उपस्थित
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव, पशुपालन और डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अंकुर गुप्ता, उपायुक्त मोनिका गुप्ता (आईएएस), हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. टंकेश्वर कुमार, लुवास के वीसी विनोद कुमार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक डा एलसी रंगा, एमडी वीरेंद्र लोरा, पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो रामबिलास शर्मा, अटेली के विधायक सीताराम यादव, बीजेपी जिला प्रधान दयाराम यादव, भिवानी जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
हरियाणा राज्य पशुओं की उन्नत नस्लों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सरकार ने राज्य में गौ संरक्षण एवं गौ संवर्द्धन के लिए सराहनीय कदम उठाए हैं। राज्यपाल ने कहा कि किसानों को उच्च कोटि की हरयाना, साहीवाल व बेलाही गाय रखने के लिए उनके दूध देने की क्षमता के आधार पर बीस हजार रूपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। राज्य में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 50 दुधारू पशुओं तक की डेयरी इकाई स्थापित करवाई जा रही हैं। इस योजना के तहत डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए बैंक ऋण पर पांच वर्ष तक लगने वाले ब्याज को सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।