फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएसएफ के सिपाही नरेंद्र सिंह की हृदयघात से मौत, गांव स्याणा में सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कनीना। गांव स्याणा निवासी बीएसएफ के कांस्टेबल नरेंद्र सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया। करीब 42 वर्षीय नरेंद्र सिंह बीएसएफ के दिल्ली स्थित हेड क्वार्टर में तैनात थे। ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के समय भारत माता के जयकारे लगाए। नरेंद्र सिंह के पिता अभय सिंह भी बीएसएफ में थे। करीब 18 साल पहले उनका निधन हो गया था। नरेंद्र सिंह तीन बहनों के इकलौते भाई थे।
नरेंद्र सिंह शुक्रवार को ड्यूटी करने के बाद अपनी बैरक में आया था। शाम करीब पौने तीन बजे उनकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद बीएसएफ के अधिकारियों ने पोस्टमार्टम करवाया। शनिवार को शव को सेना के वाहन से गांव लाया गया। जहां सेना सम्मान उनका अंतिम संस्कार किया गया। बीएसएफ के सैनिकों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। पंचनामा की रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को मालूम हो सकेगा। प्राथमिक रिपोर्ट में चिकित्सकों ने हृदय घात को मौत का कारण माना है। नरेंद्र की बेटी 23 वर्षीय साक्षी बीए के बाद डीएड कर रही है। उनका 20 वर्षीय बेटा रजत बीए अंतिम का छात्र है। नरेंद्र की पत्नी राजेश देवी गृहिणी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों ने बताया कि नरेंद्र के पिता अभय सिंह बीएसएफ में थे। ड्यूटी के दौरान उनकी मौत के बाद नरेंद्र को बीएसएफ में नौकरी मिली थी। नरेंद्र की शव यात्रा में बीएसएफ के सैनिक एवं ग्रामीण शामिल थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें