अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर की आबोहवा में प्रदूषण स्तर की जानकारी लोगों को जल्द ऑनलाइन मिल सकेगी। इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जिला लघु सचिवालय में प्रदूषण मापक यंत्र लगाया जाएगा। उम्मीद है कि 15 दिन में सिस्टम स्थापित हो जाएगा। इसके बाद एलईडी डिस्प्ले पर लोगों को हर पल शहर के प्रदूषण स्तर की जानकारी मिलेगी।
बता दें कि नारनौल शहर में अभी ऑनलाइन प्रदूषण मापक सिस्टम नहीं है। ऐसे में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मैनुअल तरीके से प्रदूषण की जांच करता है। इसके लिए रोजाना डाटा जांचने के लिए कर्मचारी को भेजना पड़ता है। दूसरा मैनुअल सिस्टम होने से शहर के लोगों को हवा में प्रदूूषण के स्तर की जानकारी नहीं मिल पाती। इसे देखते हुए विभाग हवा में प्रदूषण और उसकी गुणवत्ता की जांच करने के लिए प्रदूषण मापक यंत्र सीएएक्यूएमएस (कंटीन्यूज एंबियंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम) लगवाने जा रहा है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ रविंद्र यादव ने बताया कि नारनौल स्थित जिला लघु सचिवालय की छत पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाने की एनओसी मिल गई है। डिस्प्ले सिस्टम से लोगों को प्रदूषण स्तर की जानकारी मिलती रहेगी। इस पर करीब 70 से 80 लाख रुपये खर्च आएगा। यह सिस्टम ऑनलाइन होगा। उन्होंने बताया कि धारूहेड़ा में भी प्रदूषण मापक यंत्र लगाया जा रहा है। इससे पूरे एरिया में हवा में प्रदूषण के स्तर की जानकारी मिलती रहेगी।
गौरतलब है कि जिले में खनन कार्य होने से प्रदूषण बड़ी समस्या है। इसके अलावा दिल्ली समेत एनसीआर में स्मॉग और प्रदूषण की समस्या सर्दी में बढ़ जाती है। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम होने से विभाग के साथ आम लोगों को भी वायु प्रदूषण के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। इसके माध्यम से 2.5 पीएम की मात्रा को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। पीएम 10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर होता है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या कम होता है। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल हैं। बोर्ड के अनुसार पीएम 2.5 में 0 से 50 अच्छी, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम या नियंत्रित, 201-300 खराब होती है।