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प्रशासन ओर कर्मचारियों में आपसी तालमेल की कमी, जनता हो रही परेशान

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। नगरपालिका कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। मंगलवार को कर्मचारियों ने शहर के बाजारों के बीच जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को आश्वासन देने के लिए अभी तक कोई अधिकारी नहीं आया है। प्रशासन और कर्मचारियों में कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। इनके आपसी तालमेल की कमी से जनता को परेशानी हो रही है। लोगों के न तो नगरपालिका संबंधित कार्य हो रहे हैं और न ही शहर की सफाई हो रही है। यहां तक की पिछले तीन चार दिनों से हुड्डा पार्क को भी ताला लगा है।
बता दें कि एसडीएम विक्रम सिंह की सिफारिश पर जिला उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने शुक्रवार को एक अस्थाई सफाई कर्मचारी निरीक्षक को हटाने और दूसरे स्थाई चालक को निलंबित करने के आदेश दिए थे। इससे नाराज होकर सफाई कर्मचारी पांच दिन से हड़ताल पर हैं। नपा कार्यालय के लगभग 100 स्थाई और अस्थाई कर्मचारी एकत्रित होकर शहर के मुख्य बाजारों में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। पालिका कर्मचारियों ने कहा कि बिना वजह जिला उपायुक्त ने एसडीएम की सिफारिश पर उनके दो कर्मचारियों को निलंबित और हटाया है। इससे पहले प्रशासन ने कोई नोटिस भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता तब तक वो अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।
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नपा कार्यालय में विभिन्न कक्षों पर लगे थे ताले
नगरपालिका कार्यालय के नपा चेयरपर्सन और सचिव कक्ष सहित विभिन्न कक्षों के ताले लगे हुए थे। उपभोक्तओं के पालिका कार्यालय संबंधित सभी कार्य बाधित हो रहे थे। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सभी कार्य बंद हैं। मंगलवार को नपा चेयरपर्सन और सचिव पालिका परिसर में मौजूद नहीं थे और उनके कक्षों पर ताला लगा था। पालिका में केवल सीएससी आधार केंद्र ही खुला था।

तीन दिन से नहीं खुल रहा पार्क
पालिका कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर के एकमात्र चौ. रणबीर सिंह हुड्डा पार्क पर तीन दिनों ताला है। इस कारण सुबह और शाम को घूमने वाले लोगों को परेशानी हो रही हैं। शहर के सैकड़ों लोग सुबह शाम घूमने आते हैं। तीन दिन से पार्क बंद रहने से उनकी दिनचर्या बाधित हो रही है।

शहर में नहीं हो रही सफाई
पालिका के कर्मचारी हड़ताल पर जाने से शहर में सफाई नहीं हो रही। पालिका प्रशासन प्रतिदिन एक लाख रुपये सफाई पर खर्च करती है। उसके बाद भी आमजन को परेशानी हो रही है। सोमवार को कुछ समय के लिए कर्मचारियों ने काम किया, लेकिन उसके बाद हड़ताल पर बैठ गए। इस समय शहर के हर चौराहे, गली और मोहल्लों में गंदगी के ढेर लगे हैं। शहरवासी प्रतिदिन 10 टन कूड़ा बाहर निकालते हैं।

मैं निर्माण कोचिंग सेंटर चलता हूं और मुझे कोचिंग सेंटर पर कॉर्मिशयल मीटर लगवाना है। इसके लिए पालिका जेई की रिपोर्ट आवश्यक होती है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कार्यालय बंद पड़ा है।
-प्रमोद।

मैं कोचिंग एकेडमी चलाता हूं और मुझे अपने सेंटर पर बिजली मीटर लगवाना था। इसके लिए जेई की रिपोर्ट चाहिए थी, लेकिन हड़ताल होने के कारण कार्यालय बंद है।
-मुकेश।

मैं घर के नक्शे की फाइल जमा कराने के लिए छह माह से पेंडिंग आरटीआई की नकल लेने आया था। दो दिन छुट्टी थी। पांच दिन से कार्यालय बंद होने कारण काम नहीं हो रहा।
-बिश्नदयाल।

मैं सफाई नहीं होने की शिकायत करने आया था। तीन चार दिन से घर के पास सफाई नहीं हो रही। यहां कार्यालय बंद है और पालिका कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
-भिखुराम कौशिक।

मैं अपने परिवार के साथ पार्क घूमने के लिए आया था। यहां देखा तो पार्क बंद मिला। अब वापस घर जाना पड़ेगा। यदि पार्क खुला होता तो बच्चे घूम और खेल लेेते।
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-पवन कुमार

हर रोज घूमने आते हैं और तीन चार दिन से पार्क को ताला लगाया हुआ है। कर्मचारियों की हड़ताल के बीच में जनता पीस रही है। प्रधान को लोगों को परेशानी से बचाना चाहिए।
-वीर विक्रम भालोटिया


पालिका कर्मचारियों को हड़ताल समाप्त करने के लिए कई बार समझाया जा चुका है। किंतु वो अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
-नपा चेयरपर्सन, रीना बंटी।
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