नारनौल। कैलाश नगर कॉलोनी में 11 वर्षीय बच्चा डेंगू बुखार पीड़ित मिला है। अब जिले में डेंगू के दो कंफर्म केस हो गए हैं। वहीं डेंगू मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैलाश नगर में फॉगिंग करा दी है। बुधवार को एंटी लारवा टीम ने घरों की जांच कर लोगों की स्लाइड बनाई है। जांच में सात घरों में लारवा मिला है।
बता दें कि 10 अक्तूबर को जिले में पहला डेंगू का कंफर्म केस हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नसीबपुर में मिला था। इसके बाद से जिला अस्पताल के फ्लू कार्नर में आने वाले और डेंगू संदिग्धों की जांच शुरू कर दी गई। इसके अलावा पीएचसी और सीएचसी पर भी बुखार के मरीजों पर नजर रखने की हिदायत दी गई थी। जिससे की कोरोना महामारी के बीच डेंगू व मलेरिया बुखार के मरीजों की पहचान कर जरूरी कदम उठाए जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कैैलाश नगर निवासी 11 साल के लड़के को कुछ दिन पहले बुखार की शिकायत थी। इस पर उसे महेंद्रगढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर कार्ड टेस्ट में डेंगू बुुखार संभावित मिला। इसके बाद डेंगू बुखार के कंफर्म जांच के लिए सैंपल नागरिक अस्पताल में भेजा गया। जहां पर जिले भर से आए नौ डेंगू संदिग्धों की जांच मंगलवार को हुई। शाम को आई रिपोर्ट कैलाश नगर के बच्चे की रिपोर्ट डेंगू कंफर्म हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शाम को नप की मदद से पीड़ित के घर पर फॉगिंग कराई। बुधवार को डॉ. परमानंद, सूबे सिंह, राकेश चंद्र, मुख्तार सिंह व मुकेश शर्मा एलटी समेत अन्य कैलाश नगर के गली नंबर एक में पहुंचे। एंटी लारवा टीम ने पीड़ित के घर के आसपास करीब 50 घरों की जांच की। इसमें कुलर, पानी की टंकियों और गमलों की जांच की गई। वहीं सात घरों में टीम ने मच्छर का लारवा पाया।
कैलाश नगर में एक डेंगू बुखार पीड़ित बच्चा मिला है। अब जिले में डेंगू के दो कंफर्म केस हो गए हैं। बच्चे के डेंगू मिलने पर टीम ने कॉलोनी का दौराकर आसपास के घरों की जांच कर स्लाइड बनाई है। जिले में डेंगू लारवा की जांच के साथ बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई जा रही है। कोरोना वायरस के साथ लोगों को बुखार को लेकर भी विशेष सावधानी बतरने की जरूरत है।
डॉ. संजय बिश्वनोई, डिप्टी सीएमओ