इसी वर्ष 10वीं की परीक्षा पास करने वाली बाछौद स्थित कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को कोई भी सरकारी नौकरी अभी या कभी भी नहीं मिल सकती। हां, बुढ़ापा पेंशन जरूर बन सकती है। जी हां, यह कलाकारी गलतियों के लिए चर्चा में रहे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने की है।
बोर्ड ने इसी वर्ष 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं की डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट में 2000 की बजाय 1920 अंकित कर दी है। इस तरह के प्रमाण फिलहाल महेंद्रगढ़ जिले में मिले हैं। वैसे प्रदेशभर में भी इस तरह की खामियां नजर आने की संभावना है।
दरअसल, महेंद्रगढ़ जिले के गांव बाछौद में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। इसमें 10वीं की परीक्षा (सर्टिफिकेट में दर्शाई गई है 5 जून 2014) अभी पास करने वाली छात्राओं को दो-तीन दिन पहले ही सर्टिफिकेट दी गई हैं जिसमें उनकी उम्र वर्ष 2000 की बजाए 1920 अंकित कर दिया गया है।
अमर उजाला के हाथ इस तरह की चार सर्टिफिकेट लगी हैं। इन चारों में तारीख और माह तो ठीक दर्शाए गए हैं लेकिन वर्ष गलत है। सभी लड़कियों की जन्म वर्ष 2000 है लेकिन सर्टिफिकेट में 1920 दिखाया गया है जो इस प्रकार है :
1. नाम : दिव्या
पिता का नाम : सुशील कुमार
माता का नाम : सुरेश देवी
क्रमांक : एपी-125093
नामांकन संख्या : 13-1-एमओ-017-0082
अनुक्रमांक नं. : 2213728730
जन्म तिथि दर्शाई है : 08/10/1920
2. नाम : पूनम
पिता का नाम : रामपाल
माता का नाम : मंजूदेवी
क्रमांक : टी-077083
नामांकन संख्या : 13-1-एमओ-017-0011
अनुक्रमांक नं. : 2213728660
जन्म तिथि दर्शाई है : 29/02/1920
3. नाम : रचना
पिता का नाम : राजेंद्र कुमार
माता का नाम : सरोजदेवी
क्रमांक : एपी-125066
नामांकन संख्या : 13-1-एमओ-017-0001
अनुक्रमांक नं. : 2213728651
जन्म तिथि दर्शाई है : 23/05/1920
4. नाम : रितू यादव
पिता का नाम : लक्ष्मीनारायण
माता का नाम : तारादेवी
क्रमांक : एपी-125071
नामांकन संख्या : 13-1-एमओ-017-0015
अनुक्रमांक नं. : 2213728662
जन्म तिथि दशाई है : 15/01/1920
आप ठीक कह रहे हैं। इस तरह का मामला हमारे ही स्कूल का है। यह हमारी गलती नहीं है शिक्षा बोर्ड भिवानी की गलती है। इस संबंध में बोर्ड से संपर्क करेंगे और गलती को दुरूस्त कराने का प्रयास किया जाएगा।
चेतना पाण्डे, प्रिंसीपल राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बाछौद, नारनौल