अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन व हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय में सातवें दिन भी धरना जारी रखा। धरने की अध्यक्षता प्रधान कृष्णा देवी ने की। संचालन जिला सचिव सवित्री देवी ने किया। इस मौके पर सभी वक्ताओं ने मांग की है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और न्यूनतम वेतन 21000 रुपये लागू हो। मार्च 2018 का समझौता लागू किया जाए। जिला सचिव ने कहा कि सोमवार को शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा के निवास स्थान पर मांग पत्र सौंपा गया। शिक्षा मंत्री ने कहा था की उनकी मांग बजट सत्र में जो सरकार के साथ जो समझौता हुआ, लागू किया जाएगा। जिला सचिव सुभाष चंद ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा लागू किया जाए और भविष्य निधि पेंशन योजना लागू की जाए।
जिला प्रधान ने कहा की सरकार ने हमारी मुख्य मांग नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज करेंगे। 22 फरवरी को पूर्ण रूप से हड़ताल पर जाने का निर्णय सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका ने लिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने कर्मचारियों से मांग पत्र लिया और आश्वासन दिया है कि उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। धरने पर जिला उपाध्यक्ष संतोष ढिल्लो, बिमला, मुनेश देवी, शहरी प्रधान महेंद्रगढ़ राज कुमारी व प्रधान माया व शारदा देवी, सरस्वती के अलावा अन्य सहायिका उपस्थित रही।