अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सेहलंग-महेंद्रगढ़ रूट पर रोडवेज विभाग द्वारा सुबह-सुबह दो बसें लगातार चलाने से आमजन और विद्यार्थियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। तीन गांवों के सरपंचों और यात्रियों ने नारनौल डिपो के प्रबंधक को पत्र लिखकर रोडवेज की बसों के समय में बदलाव करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेहलंग से महेंद्रगढ़ वाया बवाना, मालडा, लावण के रूट से सुबह लगभग सात बजे दो बसें बहुत कम समय के अंतराल पर महेंद्रगढ़ की ओर आती है। इस समय स्कूल, कॉलेज, केंद्रीय विश्वविद्यालय और अनेक कोचिंग सेंटरों पर बच्चे इन बसों में आते हैं। विद्यार्थी अक्षय, दीपक, नरेंद्र, अमित, मनीष, रिंकू, हरकेश ने बताया कि ये दोनों बसें महज 10 मिनट के अंतराल पर एक-दूसरी की होड़ बांधते हुए बहुत तेज रफ्तार से चलती हैं, जिससे यात्रियों और विद्यार्थियों को हादसा होने का डर रहता है। अगर इन दोनों बसों के समय में 40 मिनट का फैसला कर दिया जाए तो आम नागरिक को बहुत फायदा हो सकता है।
विद्यार्थियों ने इस संबंध में जब बसों के चालक और परिचालक से बात की तो उन्होंने कहा कि ये बस तो इसी समय चलेंगी। अगर उनको कोई तकलीफ हो तो उच्च अधिकारियों से बात कर लें। विद्यार्थियों ने महेंद्रगढ़ बस स्टैंड इंचार्ज से बात कि तो इंचार्ज ने भी अपनी असमर्थता जताते हुए जीएम रोडवेज नारनौल से मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इतना कुछ होने के बाद भी विद्यार्थियों ने हार नहीं मानी। वे इस समस्या को लेकर गांव मालड़ा के दोनों सरपंचों और बवाना गांव के सरपंच के पास गए। तीनों गांवों के सरपंचों और अनेक गणमान्य लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर एक ज्ञापन जीएम रोडवेज नारनौल को छात्र नेता अक्षय मालड़ा, मनीष यादव, जीनत बवाना, इंद्रजीत बवाना, रिंकू ने बस स्टैंड इंचार्ज रामसिंह को सौंपा। पत्र में सुबह के समय सेहलंग से चलने वाली दोनों बसों के समय में बदलाव करने की मांग की।