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चार साल में सीएम ने चार रैलियों में की 186 घोषणाएं, 132 पेंडिंग

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल/महेंद्रगढ़। सीएम मनोहरलाल 21 जुलाई को महेंद्रगढ़ में धन्यवाद रैली करने जा रहे हैं। इससे पूर्व सीएम ने जिले में चार साल के दौरान चार बड़ी रैली की हैं। इनमें सीएम ने 186 घोषणाएं की। इन घोषणाओं में से सरकार ने केवल 54 घोषणाएं ही पूरी की हैं। जबकि अधिकांश बड़ी योजनाओं पर तो काम भी शुरू नहीं हुआ है। लोगों में चर्चा है कि सीएम शनिवार को भी जिला वासियों के लिए कई नई घोषणाएं करेंगे, मगर सीएम पहले जो घोषणाएं कर चुके हैं, उन पर तो नजरें इनायत कीजिये।
बता दें कि प्रदेश सरकार के करीब चार साल पूरे हो गए हैं। इन चार सालों में सीएम ने नारनौल, नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़ व कनीना में रैली की हैं। रैलियों के अलावा सीएम ने नारनौल में जनता दरबार भी लगाया। इनमें सीएम ने विधायकों की मांग पर जिले के लिए 186 घोषणाएं कर दी, मगर ये घोषणाएं महज घोषणाएं ही बनकर रह गई। इनमें से अब तक केवल 54 घोषणाएं ही प्रदेश सरकार पूरी कर सकी है। जबकि 132 घोषणाएं अभी पेंडिंग हैं। इनमें से 62 घोषणाओं पर काम चल रहा है। वहीं 67 घोषणाएं तो ऐसी हैं, जिन पर अभी कोई प्रपोजल ही नहीं बनाया गया।
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मुख्य घोषणाएं नहीं हुई पूरी
सीएम ने करीब ढाई साल पहले नारनौल में आयोजित रैली में अनेक घोषणाएं की थी। मगर इन घोषणाओं को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। इनमें कई बड़ी योजनाएं हैं, जिन पर काम किया जा रहा है, मगर ये शुरू कर होंगी इनका पता ही नहीं है। सीएम ने शहर के बीचों बीच जा रहे छलक नाले को 24 करोड़ रुपये से ढकने, यहां पुरानी कचहरी के मैदान में शापिंग कांपलेक्स का निर्माण करने, चार मार्गी बाईपास बनाने, शहर में एक बड़ा पार्क बनाने सहित अनेक घोषणाएं की थी। इनमें से एक भी घोषणा पर काम नहीं हुआ है।

कई घोषणाओं की ये है स्थिति
सीएम द्वारा घोषित किए गए कालेजों में से उन्हांणी व निजामपुर कालेज में ही काम चल रहा है, जो इस साल पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, सिहमा व अटेली में कालेज का निर्माण कार्य अभी पूरा होने की संभावना नहीं है। वहीं, सीएम द्वारा नारनौल के तलोट व छीलरो गांव में लाजिस्टिक हब बनाने की भी घोषणा की हुई है, मगर यह घोषणा भी महज एक घोषणा ही बनकर रह गई है। इसके लिए तीन साल में जमीन लेने का काम ही पूरा प्रशासन नहीं कर पाया है।

नहीं बन पाये कृषि और पशु रिसर्च सेंटर
सीएम ने जिला में कृषि रिसर्च व पशु रिसर्च सेंटर की भी घोषणा की हुई है, मगर इन योजनाओं पर अभी काम भी शुरू नहीं हो पाया है। वहीं उत्कृष्ट बागवानी केंद्र का काम भी सीएम घोषणाओं में है, मगर वह भी पूरा नहीं हो पाया है।

नहीं बन पाया 200 बेड का अस्पताल व ट्रामा सेंटर
सीएम की घोषणाओं में शहर में 200 बेड का अस्पताल व ट्रामा सेंटर बनाया जाना था, मगर अभी यह भी महज एक घोषणा ही बनकर रह गई है, इस पर भी कोई काम नहीं हुआ है।

इन बाक्स
घोषणा- 186
पूरी हुई-54
प्रोग्रेस-62
पेंडिंग -67

महेंद्रगढ़ में की थी 200 करोड़ रुपये के कार्यों की घोषणा
9 अप्रैल 2016 को महेंद्रगढ़ में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने लगभग 200 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। साथ ही 13 शिलान्यास पत्थर भी रखे थे। उक्त घोषणाओं में 50 फीसदी काम भी पूरे नहीं हुए हैं।

नहीं मिली कैंसर अस्पताल की सौगात
30 जुलाई 2017 को भिवानी में राजकीय मेडिकल कालेज का शिलान्यास किया गया था। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 45.45 करोड़ रुपये से महेंद्रगढ़ और नूंह में कैंसर अस्पताल खोले जाने की घोषणा की थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मौजूद थे। इस संबंध में भी अभी कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई।

महिला सैनिक स्कूल की घोषणा भी अधूरी
शिक्षामंत्री रामलिबास शर्मा ने मार्च 2015 के आम बजट में गांव खुडाना में महिला सैनिक स्कूल खोले जाने की घोषणा की थी। लगभग तीन वर्ष से अधिक का समय हो गया है। परंतु अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
दो वर्ष में सड़क तक ही पहुंचा माधोगढ़ किला
सीएम ने विगत रैली में माधोगढ़ किले और महेंद्रगढ़ किले को पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। पिछले दो वर्ष में अभी तक माधोगढ़ किला 400 मीटर सड़क तक ही पहुंचा है। सड़क के लिए ही साढ़े छह करोड़ रुपये की राशि जारी हुई है। जबकि महेंद्रगढ़ किले पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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सब डिपो पर नहीं हुआ काम
महेंद्रगढ़ सब डिपो की घोषणा दो मुख्यमंत्री द्वारा की जा चुकी है। वर्तमान में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सब्जी मंडी महेंद्रगढ़ में 9 अप्रैल 2018 को आयोजित प्रगति रैली में लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये का शिलान्यास किया था। दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है अभी तक सब डिपो की ड्राइंग बनकर नहीं आई है।

अब इन पर हैं उम्मीदें
- शिक्षा का हब बन चुके महेंद्रगढ़ शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। इसलिए शहर के चारों ओर फोर लाइन बाईपास बनाया जाए।
- लघु सचिवालय महेंद्रगढ़ में सप्ताह में दो दिन जिला उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक की बैठक।
- हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में घोषित मेडिकल कालेज खोले जाना।
- अलवर से चरखी दादरी महेंद्रगढ़ रेल लाइन का निर्माण करवाया जाना।
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