स्वच्छ मैप डाउनलोड करने में नारनौल आठवें पायदान पर
नारनौल। बेशक शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार पहल कर रही हो। इसके लिए सरकार द्वारा स्वच्छता मैप जैसे एप भी तैयार किए गए हैं। जिनके द्वारा लोग अपनी गंदगी संबंधित शिकायतें सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। मगर इसके बावजूद स्वच्छता के प्रति लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। यही कारण है कि करीब एक माह में नारनौल शहर में स्वच्छता मैप एप केवल 256 लोगों ने ही डाउनलोड किया है, जोकि प्रदेश में आठवें नंबर पर है। जबकि रोहतक के लोगों इस मैप में दिलचस्पी दिखाई है। यहां कुल 1569 लोगों ने यह एप डाउनलोड किया। इस प्रकार रोहतक जिला एप को डाउनलोड करने में प्रदेश में टापर बना हुआ है। जबकि नारनौंद व टोहना में अभी यह संख्या शून्य पर है।
प्रदेश सरकार ने शहरों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ मैप एप लांच किया है। नारनौल में इसकी शुरूआत 5 दिसंबर से की गई। जिसके कुछ दिन तक सार्थक परिणाम देखने का मिले। शुरू में लोगों ने एप के जरिए अपनी गंदगी जैसी शिकायतों की फोटो एप पर डालकर इसका लाभ भी उठाया, लेकिन समय के साथ ही लोगों का इस ओर रुझान कम हो गया है। यही कारण है कि 5 दिसंबर से 28 दिसंबर तक नारनौल में अब तक केवल 256 लोगों ने ही एप को डाउनलोड किया है। इस प्रकार प्रदेश में नारनौल एप को डाउनलोड करने में आठवें नंबर पर है। जबकि रोहतक जिला 1569 के साथ प्रदेश में टापर बना है।
- लोगों का एप के प्रति रुझान हुआ कम
एप डाउनलोड करने में नारनौल के लोग कम ही रुचि दिखा रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह भी माना जा सकता है कि नगर परिषद द्वारा प्रतिदिन शहर में सफाई किया जाना। नगर परिषद प्रतिदिन सुबह-सुबह शहर में चिह्नित स्थानों से कूड़े उठान करती है। अगर उक्त स्थानों पर दोबारा कूड़ा डाल दिया जाए और लोगों ने उसकी फोटो खींचकर एप पर डाल भी दी तो नगर परिषद उस कूड़े का उठान अगले दिन ही करेगी, क्योंकि एप में कूड़े उठान हेतु कर्मचारी के लिए 24 घंटे का समय निर्धारित किया है।
- कैसे कार्य करता है स्वच्छ मैप एप
अपने आस-पास पड़ी गंदगी, कूड़े आदि की फोटो खींचकर स्वच्छ मैप एप पर अपलोड करें। इसके बाद आपकी शिकायत संबंधित एरिया के सफाई दरोगा के मोबाइल पर रेड चिन्ह के रूप में आ जाएगी। सफाई दरोगा को उस गंदगी का निर्धारित समय पर उठान करना होगा। वह जब तक कूड़े का उठान नहीं करेगा तब तक उसके मोबाइल पर रेड चिन्ह दिखाई देता रहेगा।
- सफाई नहीं होने पर उच्चाधिकारियों के पास पहुंचेगी शिकायत
अगर आपके द्वारा स्वच्छ मैप एप पर डाली गई कूड़े या गंदगी की निर्धारित समय पर सफाई नहीं होती है तो वह आटोमेटिक सेनेटरी इंस्पेक्टर के पास पहुंचेगी। अगर वह भी निर्धारित समय में उस जगह की सफाई नहीं करवाता है तो यह शिकायत रेड चिन्ह के रूप में कार्यकारी अधिकारी के मोबाइल पर दिखाई देगी। जिसे निर्धारित समय में उक्त जगह की सफाई करवानी होगी। अन्यथा वह शिकायत उपायुक्त व उच्चाधिकारियों के पास पहुंचेगी। जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना सुनिश्चित है। जिले में अब तक 256 लोगों ने एप डाउनलोड किया है, लोगों द्वारा 550 शिकायतें आई जिनमें से 500 का निवारण कर दिया गया। नारनौल में प्रतिदिन आने वाली शिकायतों की औसतन संख्या 15 से 20 है।
- एप डाउनलोड में टापटेन शहर
शहर एप डाउनलोड
रोहतक 1569
गुरुग्राम 814
हिसार 794
अंबाला 497
यमुनानगर 393
पंचकुला 336
सोनीपत 291
नारनौल 256
पानीपत 254
जींद 252
- एप के जरिए प्रतिदिन आ रही दर्जनों शिकायतें
स्वच्छ मैप के जरिए अब तक 500 से अधिक शिकायतें आ चुकी है। वहीं प्रतिदिन 15 से 20 कूड़े व गंदगी संबंधित शिकायतें आ रही है। जिनका निर्धारित समय से पूर्व ही समाधान किया जा रहा है। लोगों को स्वच्छ मैप एप का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। - सेनेटरी इंस्पेक्टर आनंद मलिक नगर परिषद नारनौल।