जिले से हटाए गए अनेक एक्सटेंशन लेक्चरर, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। प्राध्यापकों की कमी से पहले से जूझ रहे जिले के कॉलेजों को उच्चतर शिक्षा विभाग ने एक और झटका दिया है। उच्चतर शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी कालेजों में निर्देश जारी कर कॉलेज कैडर की पात्रता पूरी नहीं करने वाले एक्सटेंशन लेक्चरर को तुरंत हटाने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद जिले के कॉलेजों में फिर से प्राध्यापकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती दिख रही है। विभाग ने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि यदि कॉलेज में किसी विषय में वर्कलोड के हिसाब से प्राध्यापक की जरूरत है तो प्राचार्य विभागीय नियमानुसार कालेज कैडर की पात्रता पूरी करने वाले एक्सटेंशन लेक्चरर को भर्ती कर सकते हैं।
प्रदेश के कालेजों में प्राध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार और उच्चतर शिक्षा विभाग ने वर्ष 2012 में एक्सटेंशन लेक्चरर भर्ती करने का निर्णय लिया था। इसके बाद अस्थाई तौर पर एक्सटेंशन लेक्चरर भर्ती किए गए थे। इस दौरान सरकार और विभाग ने प्राध्यापकों के सामने कोई शर्त नहीं रखी थी। इस प्रकार एक्सटेंशन लेक्चरर पिछले पांच वर्ष से कॉलेजों में निरंतर सेवाएं दे रहे थे। उच्चतर विभाग ने 20 जुलाई को सभी कॉलेजों में कालेज कैडर की पात्रता पूरी नहीं करने वाले एक्सटेंशन लेक्चरर की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दे दिए हैं। इससे एक्सटेंशन लेक्चरर में रोष है।
कॉलेजों से हटाए 95 अपात्र एक्सटेंशन लेक्चरर
जिले के कॉलेजों में रेगुलर प्राध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए विभिन्न कॉलेजों के 220 के करीब अस्थाई एक्सटेंशन लेक्चरर हैं। नारनौल के पीजी कॉलेज में 56 एक्सटेंशन लेक्चरर है। इनमें से 23 अपात्र एक्सटेंशन लेक्चरर को हटाया गया है। महिला कॉलेज में कुल 50 में से 17 अपात्र एक्सटेंशन लेक्चरर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महेंद्रगढ़ के राजकीय कॉलेज में 44 में से 25 और अटेली कॉलेज में 27 में से 12 अपात्र एक्सटेंशन लेक्चरर हटाए गए हैं। नांगल चौधरी के मेजर दहिया सिंह कॉलेज के 24 में से आठ और बैजनाथ चौधरी महिला कॉलेज के 19 में से 10 को हटाया गया है।
लेक्चरर की कमी से होगी पढ़ाई बाधित
उच्चतर शिक्षा विभाग के आदेश के बाद अपात्र एक्सटेंशन लेक्चरर हटा दिए गए हैं। इससे कॉलेजों में पढ़ाई बाधित होना स्वाभाविक है। जिले के लगभग सभी कॉलेजों में पहले से ही प्राध्यापकों की कमी है। ऐसे में अस्थायी प्राध्यापकों के हटाए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होगी।
हड़ताल पर रहे थे एक्सटेेंशन लेक्चरर
कुछ माह पूर्व एक्सटेेंशन लेक्चरर वेतनमान में बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों को लेकर करीब दो माह तक हड़ताल पर रहे थे। एक्सटेेंशन लेक्चरर के लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने उनकी वेतनमान में बढ़ोतरी के साथ अन्य मांगों को मान लिया था। इसके बाद उनका वेतन 25 हजार रुपये माह कर दिया था।
धरने पर जा सकते हैं एक्सटेंशन लेक्चरर
विभाग के इस निर्णय के बाद एक्सटेंशन लेक्चरर में विभाग और सरकार के प्रति रोष है। उन्होंने विभाग के इस निर्णय को लेकर आगामी रणनीति बनाई है। यदि विभाग यह फैसला वापस नहीं लेता तो वे फिर धरने पर जा सकते है।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को सभी कॉलेज को पत्र जारी किए है। इसमें कॉलेज कैडर की पात्रता पूरी नहीं करने वाले एक्सटेंशन लेक्चरर की सेवांए तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के आदेश है। विभागीय आदेशानुसार 23 अपात्र एक्सटेंशन लेक्चरर को हटाया गया है।
-एनएन यादव, कार्यवाहक प्राचार्य पीजी कालेज नारनौल।