हरियाणा सरकार ने फतेहाबाद जिले के गांवों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को 100-100 के प्लॉट आबंटित कर इंदिरा आवास योजना के तहत मकान भी बनवा दिए, लेकिन बस्तियाें में न तो बिजली है न पानी। सड़क दूर की बात।
वास्तव में इन बस्तियाें को महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत विकसित किए जाने का प्रावधान था। ये बस्तियां हरियाणा में हुडा सेक्टर की दर्ज पर विकसित की जानी थीं।
देखने में तो ऐसा लगता है कि जिले में 172 गांवों में बनी इन बस्तियों को खेताें में बसा दिया गया हो। थोड़ी सी बरसात में स्थिति बदहाल हो जाती हैै।
जिले में 173 गांवों में सौ-सौ गज के प्लाट के लिए जगह पंचायत के पास उपलब्ध थी। इन गांवाें में 6140 लाभपात्र परिवारों को प्लॉट आबंटन कर दिए गए।
गांव समैन का केस अदालत में विचाराधीन है। शेष गांवाें में प्लॉट आबंटित कर दिए गए और 5929 को प्लाटाें की रजिस्टरी करवा दी गई, जबकि 211 प्लॉटाें की रजिस्टरी अभी भी नहीं हो पाई है।
प्रत्येक गांव के एक छोर पर ये बस्तियां बसी हैं। इन्हें अलग-जगह आबाद करने के कारण बिजली और पानी की सुविधा पहले से उपलब्ध नहीं है।
और तो और बस्ती में जाने को सड़क नहीं है। कच्चे रास्ते या पगडंडी से लोग अपने घराें के लिए जाते हैं। कई गांवाें में यह बस्तियां गांव से एक-डेढ़ किलोमीटर दूर बसी है।
ऐेसे में कालोनी निवासी कैसे जीवन बसर कर रहे होंगे, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बारे में डीडीपीओ सुभाष जसूजा ने बताया कि इन बस्तियों म मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी।
बिजली का प्रबंध बिजली निगम और पीने के पानी का प्रबंधन जनस्वास्थ्य विभाग को करना है। संबंधित विभागों को इस संबंध में लिखा जा चुका है और समय-समय पर इसकी समीक्षा की जा रही है। हालांकि, उन्होंने माना कि अभी बिजली और पानी का प्रबंध नहीं है।
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एस्टीमेट प्रशासन को भेजे : एसडीओ
बिजली निगम के अर्द्ध शहरी डिवीजन के एसडीओ एसके नैन ने कहा कि बिजली निगम ने सभी गांवों के एस्टीमेट तैयार कर लिए हैं और इन एस्टीमेटों की राशि प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन को केस भेज दिया है। जैसे ही बजट आएगा, निगम अपना काम शुरू कर देगा। जनस्वास्थ्य विभाग ने भी बजट तैयार करने का दावा किया है।
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ये हैं खंड वार विवरण
खंड गांव लाभपात्र
फतेहाबाद 33 934
भटटू 25 1626
भूना 24 712
रतिया 51 858
टोहाना 26 1635
जाखल 14 375
कुल 173 6140