कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर देर रात आत्महत्या की कोशिश करने वाले पंजाब के किसान की मंगलवार सुबह मौत हो गई। पचास साल के किसान लाभ सिंह लुधियाना के रहने वाले थे।
सोमवार शाम को लाभ सिंह ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। लुधियाना के गांव सरथला निवासी लाभ सिंह कई दिन से धरना स्थल पर ही थे। उन्हें सोनीपत के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सोनीपत के सिंघु बॉर्डर पर अभी तक 11 किसान जान गंवा चुके हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है।
मृतक लाभ सिंह ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है। इस नोट में लिखा है
'मुलाजम मजदूर किसान यूनियन जिंदाबाद
मैं लाभ सिंह पुत्र लेट श्री जागीर सिह गांव सिरथला तहसील पाइल जिला लुधियाना का रहने वाला हूं। मैं दफ्तर खेतीबाड़ी भूमि पुरख प्रयोगशाला समराला में सरकारी नौकरी करता हूं।
मैं बहुत परेशान हूं कि किसान ठंड में बैठे है पर प्रधानमंत्री मोदी यह काले कानून वापस नहीं ले रहे। मैं इस बात से भी चिन्तित हूं कि जब यह जमीन किसानों की नहीं रहेगी तो हमारा महकमा खेतीबाड़ी भी नहीं रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी जी और सारे मंत्री को वाहेगुरु बख्शें कि इस 15 जनवरी को होने वाली मीटिंग में यह सारे काले कानूनों को वापस ले लें। मैं वाहेगुरु के सामने अरदास करता हूं, दिल्ली में जगह जगह बॉर्डरों पर बैठे मेरे किसान डटे रहें। आपकी एक दिन जीत जरूर होगी और जीत कर ही अपने घरों में वापस आना। वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह, किसान यूनियन जिन्दाबाद।
जै जवान जै किसान
मोबा बेटा कुलदीप सिंह - 9779422716
आप का खास
लाभ सिह, चौकीदार, दफ्तर, खेतीबाड़ी, समराला, गांव सिरथला'
धरने पर तीसरे किसान ने निगला जहर
कुंडली धरना स्थल पर अब तक तीन किसान जहर खा चुके हैं। जिसमें 9 जनवरी को अमरिंदर की मौत हो गई थी। वहीं पंजाब के जिला तरनतारन के गांव पटलपाई के किसान निरंजन (65) ने 21 दिसंबर को दोपहर को धरना स्थल पर सल्फास खा लिया था। उन्हें अस्पताल में उपचार दिलाकर बचा लिया था। अब लाभ सिंह की मौत हो गई।