संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र।जगत गुरु ब्रह्मानंद आश्रम में आर्य समाज से जुड़ी एक संस्था की ओर से शिविर लगाए जाने को लेकर उस समय विवाद गहरा गया जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गुरु ब्रह्मानंद के अनुयायी शिविर बंद कराने पर अड़ गए तो शिविर आयोजक इसके लिए तैयार नहीं थे। विवाद बढ़ता देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और पांच घंटे के बाद विवाद निपटाया जा सका।
आर्य समाज ब्रह्मसरोवर के प्रधान मलकीत आर्य व सुलेख आदि ने बताया कि गुरु ब्रह्मानंद आश्रम में शनिवार व रविवार को शिविर लगाने के लिए आश्रम की संचालिका साध्वी मेत्रैय आनंद से अनुमति ली गई थी। इस संबंध में पुलिस को भी पत्र देकर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। शनिवार को शिविर शुरू हुआ ही था कि बड़ी संख्या में युवक वहां पहुंच गए और उन्होंने खुद को गुरु ब्रह्मानंद के अनुयायी बताते हुए शिविर हटाने की मांग करने लगे।
मामला उस समय बढ़ गया जब आयोजकों ने अनुमति लिए जाने का हवाला देते हुए शिविर हटाने से इंकार कर दिया। युवक पहले हाल तो बाद में बाहर बैठकर गुरु ब्रह्मानंद के पक्ष में जयकारे लगाने लगे। दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर सुभाष मंडी चौकी प्रभारी मलकीत सिंह पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। बाद में थाना कृष्णा गेट एसएचओ दिनेश सिंह भी टीम के साथ पहुंचे और वे भी उन्हें समझाते रहे। करीब पांच घंटे विवाद जारी रहा और कड़ी मशक्कत के बाद आगे ऐसे आयोजन को दरकिनार किए जाने पर सहमति बन पाई।
सुलेख ने बताया कि आर्य समाज ब्रह्मसरोवर की ओर से लगाया गया शिविर किसी भी तरह से विरोध करने का नहीं है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को शिक्षित करना उद्देश्य है। वे भी गुरु ब्रह्मानंद को मानते हैं और उनकी शिक्षाओं पर अमल करते हैं। थाना कृष्णा गेट एसएचओ दिनेश सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों को समझाया गया है। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है कि अनुमति लेकर लगाया गया यह शिविर दोनों दिन जारी रहेगा। भविष्य में ऐसे शिविर नहीं लगेंगे। इससे पहले चर्चा कर निर्णय लेना होगा।
बेवजह किया गया विवाद : मेत्रैयी आनंद
आश्रम का संचालन कर रही साध्वी मेत्रयी आनंद का कहना था कि आर्य समाज के इस शिविर के लिए आयोजकों ने उनसे अनुमति ली है। ऐसे ही शिविर गुरु ब्रह्मानंद के दूसरे आश्रमों में भी चलते रहते हैं। कुछ युवकों ने बेवजह ही विवाद किया है। गुरु ब्रह्मानंद जी सभी धर्म व पंथों को समान मानते थे, यहां आयोजित आर्य समाज का कार्यक्रम किसी भी रूप से गलत नहीं है।