कुरुक्षेत्र। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ( एनडीपीएस एक्ट ) के अतिरिक्त सेशंस जज अमित सहरावत ने 2020 के हेरोइन बरामदगी मामले में आरोपी शुभम उर्फ भूरा को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 (बी) के तहत दोषी ठहराते हुए ट्रायल के दौरान जेल में बिताए समय को सजा माना व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि सह-आरोपी सोनू उर्फ निक्का को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया।
ये मामला लाडवा थाने में 16 जुलाई 2020 को दर्ज एफआईआर नंबर 206 से संबंधित है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए शुभम उर्फ भूरा को एफसीआई गोदाम के पास से दबोचा था। तलाशी के दौरान पेंट की जेब से 6.44 ग्राम हेरोइन (स्मैक) बरामद हुई। अदालत ने जांच अधिकारियों के बयानों को विश्वसनीय माना, जिनकी पुष्टि अन्य गवाहों से हुई।
हालांकि सह-आरोपी सोनू के खिलाफ केवल शुभम व उसका खुद का बयान और उससे बरामद 800 रुपये ही पुलिस से पेश कर पाई, जिसे अदालत ने कमजोर माना। अदालत ने माना कि सह-आरोपी का बयान कमजोर साक्ष्य है तथा नकद राशि को हेरोइन की बिक्री से जोडऩे कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं है। इसलिए सोनू को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया तथा उसे तुरंत रिहा करने का आदेश दिया गया। संवाद