कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के धरोहर हरियाणा संग्रहालय में हरियाणवी फुलझड़ी कला पर पांच दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसके तीसरे दिन युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पारंपरिक लोककला के गुर सीखे। संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ. कुलदीप आर्य ने बताया कि फुलझड़ी हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जो खुशी, उल्लास और सौंदर्य का संदेश देती है। इस कला के माध्यम से युवाओं को लोकसंस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने पारंपरिक शैलियों में फुलझड़ी निर्माण की तकनीक सीखी और उसे आधुनिक दृष्टिकोण से भी समझा।