लाडवा। विश्व में भारतीय सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर योगासन, प्राणायाम की स्वास्थ्य संजीवनी के रूप में पहचान बन गई है। विश्वभर के 190 देशों में इसी ऋषि चिंतन पद्धति से स्वास्थ्य संरक्षण ही नहीं, कई असाध्य रोगों से निजात मिल रही है। यही कारण है कि स्वीकार्यता का आंकड़ा आए दिन बढ़ रहा है। दुनिया के लोग भारत की ओर निहार रहे हैं। यह कहना है लाडवा मार्केट कमेटी के चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त शर्मा का। उन्होंने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। पूरे विश्व में इसके लिए कार्यक्रम हो रहे हैं। लोगों को शारीरिक, मानसिक तंदुरुस्ती मिल रही है। योग प्राणायाम के सतत अभ्यास से आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रभाव शरीर और मन पर पड़ने से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, आस्ट्रेलिया, कनाडा, रूस जैसे विकसित देशों में भी योग साधना की जा रही है। यह महान उपलब्धि भारतीयता की रही।