बालीवुड का एक चर्चित चेहरा इन दिनों हरियाणा और हरियाणवी संस्कृति के नए ब्रांड एंबेसडर के रुप में सामने आया है। इनका नाम है यशपाल शर्मा। पिछले करीब दो दशक से बालीवुड की कई बहुचर्चित फिल्मों में अपने अभिनय की धमक दिखा चुके इस हरियाणवी चेहरे ने 18 वर्षों में खास मुकाम हासिल किया है। यशपाल शर्मा इन दिनों हरियाणा के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम से जुड़े हैं और हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव में सरकार उनका सहयोग ले रही है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में यशपाल शर्मा ने हरियाणा की संस्कृति, दम तोड़ते हरियाणवी फिल्म उद्योग और जाट आरक्षण के अलावा अपने कैरियर पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश के स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान हरियाणा अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म फेस्टिवल को सरकार का एक अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अलग राज्य का दर्जा मिले 50 वर्ष हो चुके हैं, मगर आज भी हरियाणावी भाषा में बनी चंद्रावल के अलावा पगड़ी सरीखी फिल्में ही उदाहरण बनी हुई है। यदि पूर्व में फिल्म फेस्टिवल जैसे प्रयास किए जाते तो संभव होता कि हरियाणवी भाषा में बनी और भी फिल्में देश-दुनिया के सामने होती।
यशपाल के मुताबिक हरियाणा की प्रतिभाओं को दुनिया के सामने लाने के लिए उचित प्लेटफार्म की जरूरत है। इसके बाद उन लोगों के मुंह पर ताला लग सकता जोकि हरियाणा में कल्चर के नाम पर एग्रीकल्चर बोलते हैं। यशपाल शर्मा इन दिनों अपने महत्वाकांक्षी हरियाणवी फिल्म प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। हरियाणा के सूर्यकवि पंडित लख्मी चंद के जीवन पर आधारित इस फिल्म नाम है दादा लख्मी द शेक्सपीयर। फिल्म में तीन चेहरे दादा लख्मी की भूमिका में होंगे। इस पीरियड में 23 वर्ष से उनके अंत की भूमिका वह स्वयं निभा रहे हैं, जबकि 10 वर्ष और 18 वर्ष की आयु के लिए दो अन्य चेहरों की तलाश जारी है। यह फिल्म फरवरी 2018 में रिलीज हो होगी।
तो क्रिकेट जगत को मिल सकते थे दो यशपाल शर्मा
यशपाल शर्मा एक जमाने में क्रिकेट प्रेमी थे। उस जमाने में लुधियाना (पंजाब) के खिलाड़ी यशपाल शर्मा सफल क्रिकेट खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शुमार थे, जबकि हिसार का एक छोरा भी क्रिकेटर बनने को बेताब था। मगर उनकी बैटिंग से निकले जोरदार शाट से प्रतिद्वंदी टीम के खिलाड़ी की मौत हो गई। बालीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा की माने तो उन्हें लंबा समय लगा इस घटना से उबरने में और क्रिकेट से किनारा कर लिया। बता दें कि यशपाल शर्मा ने चंडीगढ़ से ड्रामा विषय में एमए किया है, जबकि 1991 से 1094 तक तक वे एनएसडी के छात्र रहे और बाद में एनएसडी रंगमंडल से जुड़े।
जाटों के आरक्षण की मांग भी जायज
यशपाल शर्मा ने कहा कि हरियाणा में जाटों के आरक्षण की मांग भी जायज है, लेकिन हिंसा करना सरासर गलत है। हिंसा सिर्फ बार्डर पर और आतंकवाद के खिलाफ ही जायज ठहराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि जातिगत आरक्षण नहीं होना चाहिए, गरीबी जाति देखकर नहीं आती। इस देश में आरक्षण नाम के कीड़े से सभी परेशान हैं। यशपाल शर्मा स्वयं आर्थिक रुप से कमजोर परिवार के सदस्य रहे हैं।
जून में सलमान की ट्यूबलाइट में दिखेंगे यशपाल व दिवंगत ओमपुरी
यशपाल शर्मा 1999 में शूल फिल्म से पहली बार पर्दे पर नजर आए। इसके बाद अर्जुन पंडित, मृत्युदंड जैसी फिल्मों में दिखे, लेकिन उन्हें खास पहचान मिली अमीर खान की फिल्म लगान, अजय देवगन की गंगाजल और अपहरण, अभिषेक बच्चन की मुंबई से आया मेरा दोस्त से। करीब दो दशक के कैरियर में उनकी दर्जनों फिल्मों आई और हरियाणवी छोरे के अभिनय का जलवा दिखा गई। यशपाल के मुताबिक उनकी अगली फिल्म ट्यूबलाइट में वह सलमान खान के साथ नजर आएंगे। भारत चीन युद्ध के समय पर बनी इस फिल्म में यशपाल शर्मा मेजर की भूमिका में दिखेंगे। इस फिल्म में हरियाणा के महान दिवंगत अभिनेता ओमपुरी भी होंगे।