कुरुक्षेत्र। जनगणना करती शिक्षिकाएं।
कुरुक्षेत्र। जनगणना के कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों पर दोहरी ड्यूटी का दबाव साफ दिखाई देने लगा है। शहर में जनगणना कार्य में लगे करीब 1700 शिक्षक और लगभग 300 सुपरवाइजर एक साथ स्कूल और जनगणना का कार्य संभाल रहे हैं।
इससे दोनों काम प्रभावित होते रहे हैं। इसको देखते हुए नगर परिषद थानेसर की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी और राजकीय आईटीआई प्राचार्य को पत्र लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को कार्यालय और विद्यालय के कार्य से मुक्त किया जाए।
नगर परिषद की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जनगणना का पहला चरण आधिकारिक रूप से 1 मई से शुरू हो चुका है जो 30 मई तक चलेगा। थानेसर नगर परिषद क्षेत्र में विभिन्न विभागों के शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रगणक व पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय परियोजना की गंभीरता और क्षेत्र में आने वाली विशेष परिस्थितियों के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से सर्पाकार हाउस लिस्टिंग और ब्लॉक मैपिंग के कारण कर्मचारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद ने जनगणना अधिनियम 1948 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना से संबंधित कार्यों को अन्य प्रशासनिक कार्यों से प्राथमिकता दी गई है। ऐसे में 1 मई से 31 मई तक जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को स्कूल और कार्यालय के अन्य कार्यों से छूट देने का अनुरोध किया गया है, ताकि जनगणना कार्य बिना किसी देरी के पूरा हो सके।
वहीं दूसरी ओर शिक्षक भी लगातार दोहरी ड्यूटी पर आपत्ति जता रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई का कार्य संभालने के साथ-साथ घर-घर जाकर मैपिंग और नंबरिंग करना बेहद कठिन हो रहा है। खासकर महिला कर्मचारियों को अनजान क्षेत्रों में ड्यूटी और भीषण गर्मी के कारण अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुरुक्षेत्र। जनगणना करती शिक्षिकाएं।