कुरुक्षेत्र। पोर्टल की खामियों और डिजिटल क्रॉप सर्वे की परेशानियों को लेकर जिले के पटवारी दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं। हड़ताल के पहले दिन तहसीलों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। पटवारियों ने पटवार भवन में धरना देकर सरकार के प्रति रोष जताया।
हड़ताल के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पहले दिन 300 से अधिक जमाबंदियों और करीब 700 इंतकाल के काम अटक गए। इसके अलावा लगभग एक हजार प्रमाण पत्रों से संबंधित कार्य भी नहीं हो सके। अपने जरूरी कामों के लिए पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। तहसील कार्यालयों में अधिकतर काउंटर खाली रहे। पटवारियों का कहना है कि तकनीकी खामियों से जमीनी व राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हो पा रहा है। इससे उन्हें लोगों का गुस्सा झेलना पड़ता है और गड़बड़ी की संभावना भी रहती है। पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान साहब सिंह ने बताया कि तकनीकी खामियों से काम का बोझ बढ़ रहा है। निर्धारित समय में कार्य पूरा करना मुश्किल हो गया है। पिहोवा, इस्माईलाबाद, शाहाबाद, लाडवा और बाबैन के प्रधानों ने भी यही बात कही। साहब सिंह ने दावा किया कि हर दिन 300 से ज्यादा जमाबंदी व 700 से ज्यादा इंतकाल होते हैं, जो ठप रहे। उन्होंने जल्द समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
ई-रिक्शा से पहुंचा, नहीं मिल पाया इंतकाल
दबखेड़ी गांव के रहने वाले ऋषीपाल का कहना था कि वह ई- रिक्शा के जरिए तहसील तक पहुंचा था लेकिन यहां आने पर पता चला कि पटवारी हड़ताल पर है। जमीन का इंतकाल लेना था, जो नहीं मिल पाया। अब कब मिलेगा, यह भी कोई बताने वाला नहीं है।
एक माह में क्रॉप सर्वे संभव ही नहीं
जिला प्रधान साहब सिंह का कहना है कि पहले ही एक पटवारी पर एक गांव के 700 से 800 तक केस है जबकि दो से तीन गांव तक दे दिए गए हैं। न टैब दिया है और न ही अलग से कोई व्यवस्था है। अपने मोबाइल पर सर्वे कार्य को डिजिटल करने के दौरान काॅल भी आ जाती है तो पूरा कार्य ही दोबारा करना पड़ जाता है। वहीं बारिश का भी मौसम चला हुआ है ऐसे हालात में भी एक माह में ही कार्य पूरे करने के आदेश दिए हुए हैं। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी कर रहे हैं।
कुरुक्षेत्र। पटवारियों की हड़ताल के बीच तहसील में पूछताछ के बाद बिना काम हुए ही लौटते लोग। संवा- फोटो : Archive