कुरुक्षेत्र। लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में नाबालिग मरीज से यौन उत्पीड़न के मामले में राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आयोग अब केवल हालिया मामले की ही नहीं, बल्कि आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र शैली के पुराने मामलों, विभागीय रिकॉर्ड और दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया की भी गहन जांच कर रहा है। आयोग की चेयरपर्सन ने सवाल उठाया कि जब डॉक्टर पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके थे तो उसे सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्ति कैसे दी गई।
महिला आयोग की चेयरपर्सन ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र पहुंचने पर चर्चा करते हुए कहा कि मामला एक नाबालिग बच्ची से जुड़ा है और पॉक्सो कानून के तहत इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आयोग पूरे प्रकरण की तह तक जाएगा और यह भी जांच करेगा कि पूर्व में सामने आए मामलों में क्या कार्रवाई हुई तथा किन-किन स्तरों पर निर्णय लिए गए।
किसी अधिकारी या विभागीय स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित रिकॉर्ड और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी है। उनका कहना था कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। महिला आयोग ने संकेत दिए हैं कि जांच केवल वर्तमान मामले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आरोपी डॉक्टर से जुड़े सभी पुराने मामलों और शिकायतों की भी समीक्षा की जाएगी। आयोग की कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। वहीं उनका कहना है कि पीड़िता से भी मिलने का प्रयास किया जाएगा और उसके परिजन चाहे तो वे भी उनसे मिल सकते हैं।
- महिला आयोग इन बिंदुओं पर कर रहा फोकस
- नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न मामले की जांच।
- पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई की प्रगति।
- पुराने मामलों और शिकायतों की समीक्षा।
- सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया।
- विभागीय अधिकारियों की भूमिका और जवाबदेही।
- पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए मामले की निगरानी ।