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महिला शक्ति का केंद्र बना है शाहाबाद

Sat, 08 Mar 2014 12:06 AM IST
कुरुक्षेत्र
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खेल जगत से लेकर ग्लैमर की दुनिया में शाहाबाद कुरुक्षेत्र जिले का ऐसा इलाका है, जहां की प्रतिभावान छोरियां इतिहास रचकर देश दुनिया में छा गई। सपनों की उड़ान भरते हुए शाहाबाद की इन लड़कियों ने खुद को हर मुश्किल के लिए तैयार करके रास्ते में आने वाली हर बाधा को पछाड़ा। संकल्प, मेहनत और प्रतिभा ने इन्हें ऐसी बुलंदियां दी कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक गईं।
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शिक्षा के साथ उपमंडल शाहाबाद की इन लड़कियाें ने हाथों में एक बार हॉकी थामी तो फिर मुड़कर पीछे नहीं देखा। इनके हुनर को तराशने की भूमिका द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह ने बाखूबी निभाई। उनसे ट्रेनिंग ले यहां की करीब तीन दर्जन खिलाड़ी मारकंडेश्वर हॉकी स्टेडियम से निकली और विश्व पटल पर छा गई।

इन खिलाड़ियों की फेहरिस्त में भारतीय टीम की कप्तान रितु रानी, जूनियर व सीनियर टीम में खेल चुकी रानी रामपाल, जसप्रीत कौर, सुरेंद्र कौर, भूपिंद्र कौर, नवजोत कौर, नवनीत कौर, मनजीत, मोनिका, जॉयदीप, गुरप्रीत कौर, बलविंद्र कौर, सिमरजीत कौर, सुमनबाला, जसजीत कौर, राजविंद्र कौर इत्यादि का नाम शामिल हैं।
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अर्जुन व भीम अवार्डी हैं यहां की खिलाड़ी
मारकंडेश्वर हॉकी स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाली खिलाड़ी अर्जुन व भीम अवार्डी भी हैं। जिला कुरुक्षेत्र के उपमंडल शाहाबाद की सुरेंद्र कौर व जसजीत कौर को अर्जुन अवार्ड और भूपिंद्र कौर तथा संदीप कौर भीम अवार्ड से नवाजी जा चुकी हैं।

रितू रानी चौथी बार नेतृत्व कर रही है टीम का
यह रितु रानी की हॉकी स्टिक का जादू ही है कि वह चौथी बार भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने जा रही है। गोल मशीन के नाम से विख्यात रीतू रानी ने वर्ष 2011 में बेस्ट एशियन यंग प्लेयर अवार्ड पर कब्जा कर चुकी है। इसके अलावा शाहाबाद की यह बेटी फॉरवर्ड और मिड फील्डर के रूप में अनेक बार अपनी धाक जमा चुकी है। 2012 में दिल्ली हुई वर्ल्ड लीग राउंड-2 में गोल्ड मेडल विजेता शाहाबाद की शान रीतू रानी ने करीब 10 वर्ष की आयु में हॉकी खेलना शुरू किया था और अपनी स्टिक का जादू इस तरह से चलाया कि आज उनकी उपब्धियों की फेहरिस्त काफी लंबी है।
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