कुरुक्षेत्र। करवाचौथ का पर्व आज पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सूर्योदय से पहले सरगी लेकर महिलाएं निर्जला व्रत की शुरुआत करेंगी और चांद का इंतजार किया जाएगा। रात को चांद निकलने के बाद महिलाएं उसे अर्घ्य देंगी और पति की लंबी आयु की कामना करेंगी।
नवविवाहित महिलाएं इस व्रत के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित दिखीं। उन्होंने सास और मां से पूजा की विधि सीखी, करवाचौथ की कहानी जानी और थाल सजाने से लेकर सोलह शृंगार तक हर तैयारी में मन लगा रही हैं। अनुभवी महिलाएं भी हर बार की तरह पूरे विधि-विधान से व्रत की तैयारी करती नजर आई।
निर्जला व्रत रखने का उत्साह : सुमन
नवविवाहिता सुमन ने बताया कि निर्जला व्रत रखने और सजने संवरने के लिए उत्साहित हूं। मैं अपनी मां को व्रत रखते और पूजा करते देखती थी लेकिन सास मां से ससुराल की परंपरा और पूजा विधि को जाना है। उसके अनुसार ही व्रत करूंगी। मुझे निर्जला व्रत रखने के उत्साह के साथ थोड़ा डर भी है कि चांद निकलने तक बिना भूखे-प्यासे निकाल पाऊंगी या नहीं लेकिन सजने और संवरने का उत्साह इससे भी अधिक है।
मैं सजती-संवरती हूं और पति करते हैं पूजा की थाली तैयार
ज्योति ने बताया कि मैं और मेरे पति दोनों ऑफिस जाते हैं लेकिन इस दिन के लिए छुट्टी लेकर घर को सजा लिया। हम दोनों साथ मिलकर करवाचौथ मनाते हैं। मैं सजती-संवरती हूं और वे पूजा में मेरा साथ देते हैं। चांद निकलने पर वे मेरे हाथों से पानी का अर्घ्य दिलवाते हैं। मेरे लिए यह व्रत केवल परंपरा नहीं बल्कि अपने रिश्ते को और मजबूत करने का दिन है। दिनभर भूख-प्यास नहीं लगती, क्योंकि दिल में प्यार और आस्था होती है।
पिछले 23 साल से रख रही करवाचौथ
रेखा रानी ने बताया कि मैं पिछले 23 साल से करवाचौथ का व्रत रख रही हूं। हर बार नए उत्साह के साथ यह दिन आता है। अब समय बदल गया है, पर इस व्रत की भावना वही है। इस त्योहार पर घर में चहल-पहल है। यह व्रत सिर्फ पति की लंबी उम्र के लिए नहीं बल्कि पूरे परिवार की खुशहाली के लिए रखती हूं। मैंने अपनी सास से करवाचौथ व्रत की विधि सीखी थी, उसे ही निभाती आ रही हूं।
बचपन से सपना था ये दिन देखने का : शीतल
शीतल ने बताया कि मेरा दूसरा करवाचौथ है। बचपन से जब मां और बुआ को 16 शृंगार में सजकर चांद को अर्घ्य देते देखती थी, तब मन में उत्सुकता रहती थी कि कब मेरा भी ऐसा दिन आएगा। मैंने मां से पूरी पूजा विधि सीखी है। शाम को चांद निकलने से पहले थाली सजाऊंगी, दीया जलाऊंगी और अपने पति को छलनी से देखकर आशीर्वाद लूंगी। पहली बार मुझे चांद निकलने से पहले बहुत प्यास लगी थी।
कुरुक्षेत्र। सुमन।- फोटो : शहर बाजार स्थित एक पार्लर में थ्रेडिंग करतीं ब्यूटीशियन।
कुरुक्षेत्र। सुमन।- फोटो : शहर बाजार स्थित एक पार्लर में थ्रेडिंग करतीं ब्यूटीशियन।
कुरुक्षेत्र। सुमन।- फोटो : शहर बाजार स्थित एक पार्लर में थ्रेडिंग करतीं ब्यूटीशियन।